शेडगे का नाम भारतीय टीम में आते ही अर्शदीप हुए गदगद, वीडियो कॉल पर सूर्यांश हो गए थे बेहद भावुक
लंदन ब्यूरो: भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और होनहार ऑलराउंडर सूर्यांश शेडगे ने हाल ही में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रख दिया है। आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के दौरान उन्होंने अपना डेब्यू मैच खेला। हालांकि, सूर्यांश का चयन शुरुआत में घोषित मुख्य स्क्वॉड में नहीं हुआ था, लेकिन चोटिल ऑलराउंडर नीतीश कुमार रेड्डी के बाहर होने के बाद किस्मत ने करवट बदली और उन्हें आयरलैंड व इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया। टीम इंडिया की जर्सी पहनने के बाद सूर्यांश ने एक बेहद भावुक किस्सा साझा किया है कि कैसे उनके चयन पर तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह खुशी से झूम उठे थे।
पंजाब किंग्स के साथी अर्शदीप सिंह ने वीडियो कॉल कर बढ़ाई हिम्मत
आयरलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 मुकाबले में डेब्यू करने वाले सूर्यांश शेडगे ने बताया कि जैसे ही उनके भारतीय टीम में चुने जाने की आधिकारिक खबर आई, सबसे पहले उनके पास अर्शदीप सिंह का फोन आया। आपको बता दें कि दोनों ही खिलाड़ी आईपीएल (IPL) में पंजाब किंग्स (PBKS) के लिए एक साथ खेलते हैं और उनके बीच काफी गहरी दोस्ती है। सूर्यांश ने 'जियोहॉटस्टार' से खास बातचीत में कहा, "जब मेरा चयन पक्का हुआ, तो मुझे तुरंत अर्शदीप पाजी का वीडियो कॉल आया। उन्होंने मुझे बधाई दी और अपने खुद के चयन के दिनों के अनुभव साझा किए। उनसे बात करना मेरे लिए एक बेहद भावुक पल था, जिस पर यकीन कर पाना उस वक्त मेरे लिए नामुमकिन जैसा लग रहा था। सच कहूं तो आज भी यह सब मुझे एक हसीन सपने जैसा ही लगता है।"
2011 वर्ल्ड कप की वो रात, जब रो पड़े थे सूर्यांश
अपने बचपन के दिनों और क्रिकेट के प्रति दीवानगी को याद करते हुए सूर्यांश ने बताया कि उनका क्रिकेटर बनने का सफर कब और कैसे शुरू हुआ। उन्होंने कहा, "जिंदगी में पहली बार जब मैं क्रिकेट मैच देखते हुए रो पड़ा था, तो वह 2011 का वर्ल्ड कप फाइनल था। उस ऐतिहासिक रात धोनी और पूरी भारतीय टीम को चमचमाती वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाते देखकर मेरे दिलो-दिमाग में कुछ बदल गया। मुझे समझ आ गया था कि जिंदगी में मुझे भी बस यही करना है। उसी दिन से मैंने इस बड़े सपने को जीना और इसके लिए पागलों की तरह मेहनत करना शुरू कर दिया था।"
'सुबह के कड़े अभ्यास और कुर्बानियां, जर्सी पहनते ही सब सफल हो गया'
सूर्यांश ने आगे बताया कि जब उन्हें पहली बार नीले रंग की भारतीय जर्सी (Indian Jersey) सौंपी गई, तो उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। उन्होंने कहा, “जब मैंने उस जर्सी को हाथ में लिया और पहली बार पहना, तो उस बेमिसाल एहसास को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है। बचपन से लेकर अब तक के वे सारे सुबह-सुबह के कड़े अभ्यास सेशन, मैदान पर बहाया गया पसीना और अनगिनत कुर्बानियां— सब कुछ उस एक पल में सार्थक और सफल लगने लगा। उस जर्सी को पहनना मेरे लिए सिर्फ एक मंजिल नहीं, बल्कि देश के लिए खेलने की एक नई और महान यात्रा की शुरुआत है।”