Arattai App : WhatsApp के मुकाबले क्यों फीका पड़ा भारत का यह देसी चैटिंग ऐप

Post

India News Live,Digital Desk : कुछ समय पहले Zoho का Arattai ऐप सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में था। इसे व्हाट्सएप के देसी विकल्प के रूप में देखा जा रहा था और लाखों लोगों ने इसे डाउनलोड भी किया था। एक वक्त तो ऐसा आया जब Arattai गूगल प्ले स्टोर के टॉप डाउनलोडेड ऐप्स में शामिल हो गया था। लेकिन अब हालात बदल चुके हैं — यह ऐप टॉप 100 लिस्ट से नीचे खिसक चुका है और इसका क्रेज़ धीरे-धीरे खत्म होता दिख रहा है।

Arattai की शुरुआत और अचानक बढ़ती लोकप्रियता

Arattai ऐप को Zoho Corporation ने 2021 में लॉन्च किया था। हालांकि शुरुआती दिनों में इसे बहुत ज्यादा पहचान नहीं मिली, लेकिन इस साल केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद अचानक यह चर्चा में आ गया।
लोगों ने इसे “Made in India WhatsApp Alternative” के तौर पर अपनाना शुरू कर दिया और देखते ही देखते इसके डाउनलोड्स लाखों में पहुंच गए।

Arattai ऐप क्यों नहीं टिक पाया?

Arattai की शुरुआत जोश के साथ हुई, लेकिन कुछ कमियों की वजह से यह तेजी से गिरावट का शिकार हो गया।
सबसे बड़ी वजह थी एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन की कमी, जो शुरू में इस ऐप में नहीं थी। जबकि व्हाट्सएप पहले से ही मजबूत प्राइवेसी और सिक्योरिटी फीचर्स के साथ यूज़र्स का भरोसा जीत चुका था।

इसके अलावा, यूज़र्स की आदतें बदलना भी Zoho के लिए एक चुनौती साबित हुई। लोग सालों से WhatsApp पर अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट, ग्रुप्स और कॉलिंग फीचर्स का इस्तेमाल करते आ रहे हैं। ऐसे में किसी नए प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट होना आसान नहीं था।

नतीजा यह हुआ कि शुरुआत का उत्साह धीरे-धीरे कम हो गया और Arattai की रैंकिंग नीचे गिरती चली गई।

Arattai की खासियतें और आगे की योजना

Arattai ऐप पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है। इसमें अब पर्सनल चैट, ग्रुप चैट, वॉइस नोट्स, फाइल शेयरिंग, फोटो और वीडियो भेजने जैसी सभी बेसिक सुविधाएं मौजूद हैं।
कंपनी का दावा है कि अब इसमें एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जोड़ा गया है, ताकि उपयोगकर्ताओं की प्राइवेसी सुरक्षित रहे।

Zoho आगे चलकर Zoho Pay को भी Arattai में इंटीग्रेट करने की योजना बना रही है। यानी यूज़र्स चैटिंग के साथ-साथ पेमेंट ट्रांजैक्शन भी इसी ऐप के ज़रिए कर सकेंगे।

Zoho का कहना है कि Arattai कभी भी यूज़र्स का पर्सनल डेटा बेचने या मोनेटाइज़ करने का काम नहीं करेगा। कंपनी का फोकस पूरी तरह से यूज़र प्राइवेसी पर है।

क्या Arattai फिर से वापसी कर सकता है?

Arattai की गिरती रैंकिंग के बावजूद उम्मीद खत्म नहीं हुई है। अगर कंपनी लगातार नए फीचर्स और सिक्योरिटी अपडेट्स देती रही, तो यह ऐप एक बार फिर से यूज़र्स का भरोसा जीत सकता है।
हालांकि, व्हाट्सएप जैसी मजबूत यूज़र बेस वाले ऐप से मुकाबला करना आसान नहीं है।