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May 12 2026 06:51 pm

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर शनिवार और चंद्रमा के गोचर का अद्भुत संयोग, इन 4 राशियों की पलटेगी किस्मत

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India News Live,Digital Desk : इस साल शनि जयंती का पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद दुर्लभ और प्रभावशाली माना जा रहा है। 16 मई 2026 को पड़ने वाली शनि जयंती इस बार शनिवार के दिन ही है, जिसे 'शनि-शनिश्चरी' का खास संयोग माना जाता है। पंचांग के अनुसार, इस दिन चंद्रमा का राशि परिवर्तन भी हो रहा है, जो रात 10 बजकर 46 मिनट पर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। चंद्रमा और नक्षत्रों की इस विशेष चाल के कारण 4 राशियों के लिए राहत और उन्नति के द्वार खुलने वाले हैं।

इन 4 राशियों को मिलेगा शनिदेव का आशीर्वाद

शनि जयंती पर बन रहे शुभ संयोगों का सबसे सकारात्मक प्रभाव इन राशियों पर देखने को मिलेगा:

वृषभ राशि: आर्थिक संकटों से मिलेगी मुक्ति

वृषभ राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का उनकी अपनी राशि में गोचर लाभकारी सिद्ध होगा।

धन लाभ: यदि आप पिछले कुछ समय से कर्ज या आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे, तो अब स्थिति में सुधार होगा।

पुराना निवेश: पहले किए गए निवेश या शेयर मार्केट से आपको अचानक अच्छा रिटर्न मिल सकता है, जिससे बैंक बैलेंस मजबूत होगा।

मिथुन राशि: करियर में मिलेगी नई ऊंचाई

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय प्रोफेशनल लाइफ में 'गेम चेंजर' साबित हो सकता है।

कार्यक्षेत्र में सराहना: ऑफिस में आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी और सीनियर्स का पूरा सहयोग प्राप्त होगा।

नई नौकरी: जो लोग नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, उन्हें शनि जयंती के बाद बड़े ऑफर मिल सकते हैं। प्रमोशन के भी प्रबल योग हैं।

सिंह राशि: अटके हुए कानूनी मामले सुलझेंगे

सिंह राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास में बढ़ोतरी का समय है।

प्रॉपर्टी विवाद: यदि जमीन-जायदाद या कोर्ट-कचहरी का कोई मामला लंबे समय से अटका हुआ था, तो फैसला आपके पक्ष में आ सकता है।

कार्य सिद्धि: आपकी प्रशासनिक क्षमता निखरेगी और लोग आपकी बातों को गंभीरता से लेंगे।

धनु राशि: भाग्य का मिलेगा भरपूर साथ

धनु राशि वालों के लिए शनि जयंती के बाद का समय मानसिक शांति और खुशहाली लेकर आएगा।

अचानक धन लाभ: कहीं से रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है या पैतृक संपत्ति से लाभ होने के संकेत हैं।

धार्मिक यात्रा: आपका मन आध्यात्म की ओर झुकेगा और किसी तीर्थ यात्रा या मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है।

शनि जयंती पर क्या करें?

चूंकि यह दिन शनिवार को ही पड़ रहा है, इसलिए शनि चालीसा का पाठ और पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी होगा। अपनी क्षमता के अनुसार काले तिल, काली उड़द की दाल या छाते का दान जरूर करें।