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October 07 2026 06:25 pm

Airtel ने लॉन्च किया IQ Gateway: SMS, WhatsApp और वॉइस कॉलिंग अब एक ही प्लेटफॉर्म पर

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भारत की प्रमुख टेलीकॉम दिग्गज भारती एयरटेल (Bharti Airtel) ने कॉरपोरेट और एंटरप्राइज सेक्टर में अपनी डिजिटल पकड़ मजबूत करने के लिए एक बड़ा दांव चला है। कंपनी ने अपने बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) विंग 'एयरटेल बिजनेस' के तहत आधुनिक और यूनिफाइड क्लाउड कम्युनिकेशन सॉल्यूशन Airtel IQ Gateway लॉन्च करने का आधिकारिक ऐलान किया है। वर्तमान दौर में जब कंपनियों को ग्राहकों से जुड़ने के लिए अलग-अलग चैनल्स जैसे एसएमएस, व्हाट्सएप बिजनेस, वॉयस कॉल, आईवीआर (IVR) और ईमेल के लिए अलग-अलग वेंडर्स और एपीआई (API) पर निर्भर रहना पड़ता था, वहीं एयरटेल का यह नया प्लेटफॉर्म सभी कम्युनिकेशन चैनल्स को एक सिंगल, इंटीग्रेटेड डैशबोर्ड पर ले आया है।

उद्योग जगत में इसे ओम्नीचैनल (Omnichannel) कस्टमर एंगेजमेंट के क्षेत्र में एक बड़ा क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। स्टार्टअप्स से लेकर बड़े बहुराष्ट्रीय निगमों (MNCs) और बैंकिंग संस्थानों तक, ग्राहकों को रियल-टाइम अपडेट, ओटीपी (OTP), ट्रांजैक्शनल अलर्ट और प्रमोशनल मैसेज भेजने के लिए अब अलग-अलग सिस्टम मैनेज करने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी। एयरटेल का दावा है कि इससे कंपनियों की ऑपरेशनल लागत में भारी कमी आएगी और मैसेज डिलीवरी की रफ्तार और विश्वसनीयता भी कई गुना बढ़ जाएगी।

सिंगल एपीआई इंटीग्रेशन: बिखरे हुए कम्युनिकेशन टूल्स से मिला छुटकारा

वर्तमान में किसी भी आधुनिक व्यवसाय के लिए ग्राहक तक सही समय पर पहुंचना सबसे बड़ी चुनौती होती है। यदि कोई बैंक या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अपने ग्राहक को डिलीवरी स्टेटस या पेमेंट ऑथेंटिकेशन भेजना चाहता है, तो उसे अक्सर एसएमएस के लिए अलग सर्विस प्रोवाइडर और व्हाट्सएप के लिए मेटा के अधिकृत पार्टनर्स के साथ अलग समझौते करने पड़ते थे। Airtel IQ Gateway इस जटिल प्रक्रिया को पूरी तरह सरल बनाता है।

इस प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनियों को एक यूनिफाइड एपीआई (Unified API) प्रदान की जाती है। इस सिंगल एपीआई को अपने सीआरएम (CRM) या बैकएंड सिस्टम से जोड़ते ही कंपनी यह तय कर सकती है कि कौन सा संदेश एसएमएस के जरिए भेजा जाए, किसे रिच मीडिया मैसेजिंग (RCS) पर डायवर्ट किया जाए और किसे व्हाट्सएप बिजनेस एपीआई के जरिए डिलीवर किया जाए। यदि किसी कारणवश किसी एक चैनल—जैसे डेटा न होने के चलते व्हाट्सएप—पर संदेश डिलीवर नहीं हो पाता, तो इसका इंटेलिजेंट रूटिंग एल्गोरिदम तुरंत उस संदेश को सामान्य नेटवर्क एसएमएस या ऑटोमेटेड वॉयस कॉल में बदल देता है, जिससे संदेश छूटने की आशंका शून्य हो जाती है।

बैंक-ग्रेड सुरक्षा और रियल-टाइम एनालिटिक्स से लैस प्लेटफॉर्म

डिजिटल फ्रॉड और डेटा लीकेज के बढ़ते मामलों के बीच भारती एयरटेल ने इस गेटवे में सुरक्षा और प्राइवेसी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। एयरटेल आईक्यू गेटवे पूरी तरह से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन पर आधारित है और टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के कड़े नियमों के अनुरूप डिजाइन किया गया है। यह प्लेटफॉर्म फ्रॉड डिटेक्शन और स्पैम कंट्रोल तकनीक से लैस है, जिससे फिशिंग और अनधिकृत मैसेजिंग पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

इसके साथ ही, बिजनेस एडमिन्स को एक पावरफुल और सहज एनालिटिक्स डैशबोर्ड मिलता है। इस डैशबोर्ड की मदद से मार्केटिंग और कस्टमर सर्विस टीमें यह रियल-टाइम देख सकती हैं कि कितने मैसेज सफलतापूर्वक डिलीवर हुए, कितने ग्राहकों ने उन्हें पढ़ा (Read Rates) और किन-किन चैनल्स पर ग्राहकों का रिस्पॉन्स सबसे बेहतर रहा। यह डेटा-ड्रिवन अप्रोच कंपनियों को अपने मार्केटिंग बजट का अधिकतम रिटर्न ऑन इनवेस्टमेंट (ROI) निकालने में सक्षम बनाती है।

बैंकिंग, ई-कॉमर्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

Airtel IQ Gateway की शुरुआत से विशेष रूप से उन सेक्टर्स को सीधा लाभ पहुंचेगा जो रोजाना लाखों ग्राहकों से सीधे संवाद करते हैं।

बैंकिंग और फिनटेक (BFSI): बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजैक्शन के दौरान वन-टाइम पासवर्ड (OTP) का मिलीसेकंड्स में डिलीवर होना बेहद जरूरी होता है। एयरटेल के टेलीकॉम-ग्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर की बदौलत लेटेंसी न्यूनतम होगी और ओटीपी फेलियर रेट में बड़ी गिरावट आएगी।

ई-कॉमर्स और डिलीवरी प्लेटफॉर्म्स: ऑर्डर कन्फर्मेशन, लाइव कूरियर ट्रैकिंग, रिटर्न रिक्वेस्ट और कस्टमर चैट सपोर्ट—ये सभी काम अब बिना किसी थर्ड-पार्टी मीडिएटर के एक ही प्लेटफॉर्म से ऑटोमेट किए जा सकेंगे।

हेल्थकेयर और हॉस्पिटैलिटी: डॉक्टर अपॉइंटमेंट शेड्यूलिंग, लैब रिपोर्ट्स को व्हाट्सएप पर शेयर करना और स्वचालित रिमाइंडर कॉल्स भेजना अब अस्पतालों के लिए बेहद किफायती और तेज हो जाएगा।

एयरटेल बिजनेस का यह नया सॉल्यूशन क्लाउड कम्युनिकेशन (CPaaS) मार्केट में टाटा कम्युनिकेशंस, रूट मोबाइल और इंफोबिप जैसी वैश्विक कंपनियों को सीधी और कड़ी टक्कर देगा। एयरटेल के अपने विशाल टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और पैन-इंडिया 5G नेटवर्क का बैकअप होने के कारण यह प्लेटफॉर्म बाजार में मौजूद बाकी विशुद्ध सॉफ्टवेयर-आधारित एग्रीगेटर्स की तुलना में कहीं अधिक स्थिर और भरोसेमंद साबित हो सकता है।