AI से नहीं छिनेंगी नौकरियां, Google बढ़ाएगा इंजीनियरिंग टीम: सुंदर पिचाई

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India News Live, Digital Desk: गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंसानी प्रतिभा का विकल्प नहीं, बल्कि एक सहयोगी शक्ति है। ब्लूमबर्ग टेक्नोलॉजी कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए पिचाई ने कहा कि Google 2026 तक अपनी इंजीनियरिंग टीम का विस्तार करेगा।

जब पूरी दुनिया में कंपनियां AI के नाम पर नौकरियां घटा रही हैं—अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां हजारों लोगों की छंटनी कर रही हैं—ऐसे माहौल में पिचाई का यह बयान राहत की सांस जैसा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि Google का उद्देश्य AI के सहारे इंसानों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनके काम को और अधिक प्रभावशाली बनाना है।

पिचाई ने बताया, “हम अपनी मौजूदा इंजीनियरिंग टीम को अगले साल तक और मजबूत करेंगे ताकि तकनीकी अवसरों का अधिकतम लाभ उठाया जा सके।” उनका मानना है कि AI एक accelerator है, जो इंसानी क्षमता को और तेज बनाता है, न कि उसे खत्म करता है।

AI से बढ़ती प्रोडक्टिविटी, नहीं खत्म होती नौकरियां

सुंदर पिचाई ने यह भी बताया कि Google का नजरिया बाकी कंपनियों से अलग है। जहां कुछ कंपनियां AI को लागत घटाने का जरिया मानती हैं, वहीं Google इसे कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़ाने का माध्यम मानता है। “AI से इंजीनियरों को बुनियादी कामों से समय बचता है, जिससे वे नवाचार पर ध्यान दे सकते हैं,” पिचाई ने कहा।

उनके अनुसार, चाहे बात Waymo की सेल्फ-ड्राइविंग कारों की हो, क्वांटम कंप्यूटिंग की हो या फिर YouTube की बढ़ती वैश्विक पहुंच की—इन सब क्षेत्रों में ह्यूमन टैलेंट की जरूरत बनी रहेगी। खासतौर पर भारत में YouTube का जबरदस्त विस्तार—जहां 100 मिलियन से ज्यादा चैनल और 15,000 से अधिक चैनल्स के एक मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं—इसी मांग को दर्शाता है।

AI की सीमाएं भी समझना जरूरी

हालांकि पिचाई AI की क्षमताओं को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन उन्होंने इसकी सीमाओं को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “AI मॉडल्स कोडिंग में मदद कर सकते हैं, लेकिन अभी भी वे बेसिक गलतियां करते हैं।” आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) को लेकर उन्होंने कहा कि भविष्य को लेकर स्पष्टता नहीं है—“क्या हम AGI की ओर निश्चित रूप से बढ़ रहे हैं? इसका अभी कोई ठोस जवाब नहीं है।”