'बंटवारा 1947' के बाद सनी देओल के हाथ लगा एक और महा-प्रोजेक्ट! राजकुमार संतोषी के साथ फिर गूंजेगी 'ढाई किलो के हाथ' की दहाड़; 'घायल'

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भारतीय सिनेमा के बॉक्स ऑफिस पर जब-जब अभिनेता सनी देओल का फौलादी अंदाज और निर्देशक राजकुमार संतोषी का बेजोड़ विजन एक साथ पर्दे पर उतरा है, तब-तब सिनेमाघरों में तालियों और सीटियों का ऐसा तूफान खड़ा हुआ है जिसने इतिहास रच दिया है। आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले बन रही बहुचर्चित पीरियड ड्रामा फिल्म 'लाहौर 1947' (बंटवारा 1947) की शूटिंग और पोस्ट-प्रोडक्शन के बीच अब बॉलीवुड गलियारों से एक और सबसे बड़ी और धमाकेदार खबर सामने आई है। इस ऐतिहासिक जोड़ी ने एक और बड़े बजट की एक्शन-ड्रामा फिल्म के लिए हाथ मिला लिया है।

फिल्म ट्रेड और प्रोडक्शन सूत्रों के अनुसार, 'लाहौर 1947' के निर्माण के दौरान दोनों दिग्गजों के बीच की रचनात्मक समझ और ऊर्जा इतनी शानदार रही कि उन्होंने इस सफर को यहीं न थामते हुए एक और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर तुरंत काम शुरू करने का फैसला कर लिया है। यह नई फिल्म समकालीन सामाजिक मुद्दों और हाई-वोल्टेज राष्ट्रवाद पर आधारित एक जबरदस्त इमोशनल-एक्शन ड्रामा होगी। मुंबई, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत पूरे देश के सिनेमा प्रेमियों के बीच इस खबर के सामने आते ही उत्साह की लहर दौड़ गई है।

'घायल', 'दामिनी' और 'घातक' का स्वर्णिम दौर: जब इस जोड़ी ने हिला दिया था पूरा देश

सनी देओल और राजकुमार संतोषी का यह नया सहयोग केवल एक आम फिल्म का ऐलान नहीं है, बल्कि यह हिंदी सिनेमा के सबसे सफल और प्रतिष्ठित अभिनेता-निर्देशक गठबंधन का पुनर्जन्म है। साल 1990 में आई फिल्म 'घायल' से राजकुमार संतोषी ने बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत की थी, जिसमें सनी देओल के 'अजय मेहरा' के किरदार ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस फिल्म ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया, बल्कि सनी देओल को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Award) भी दिलाया।

इसके बाद 1993 में आई 'दामिनी' ने भारतीय अदालती ड्रामा की परिभाषा ही बदल दी। वकील गोविंद के रूप में सनी देओल के डायलॉग्स—'तारीख पर तारीख' और 'ये ढाई किलो का हाथ जब किसी पर पड़ता है ना, तो आदमी उठता नहीं उठ जाता है'—आज तीन दशक बाद भी भारतीय जनमानस के जेहन में उसी शिद्दत से गूंजते हैं। इस फिल्म के लिए सनी देओल को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का दूसरा राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

1996 में इस जोड़ी ने 'घातक' के जरिए काशीनाथ का ऐसा रौद्र रूप परदे पर उतारा जिसने सिनेमाघरों की दीवारों को हिला दिया था। इसके बाद दोनों के बीच रचनात्मक मतभेदों के चलते एक लंबा फासला आ गया था, जिसे 'लाहौर 1947' ने हमेशा के लिए खत्म कर दिया और अब यह नया प्रोजेक्ट इस सुनहरे दौर को आगे बढ़ाने जा रहा है।

नए प्रोजेक्ट की कहानी और कैनवास: कैसा होगा इस बार का स्क्रीनप्ले?

इंडस्ट्री के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, इस आगामी अनटाइटल्ड फिल्म की पटकथा खुद राजकुमार संतोषी ने अपने चिर-परिचित आक्रामक और विचारोत्तेजक अंदाज में लिखी है। जहां 'लाहौर 1947' विभाजन के ऐतिहासिक दर्द और मानवीय संवेदनाओं पर केंद्रित है, वहीं यह नई फिल्म आज के दौर के एक ज्वलंत राष्ट्रीय मुद्दे और व्यवस्था के खिलाफ एक आम आदमी के ऐतिहासिक संघर्ष को दर्शाएगी।

बताया जा रहा है कि फिल्म में सनी देओल एक ऐसे परिपक्व, गंभीर लेकिन अडिग व्यक्ति के किरदार में होंगे जो अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ अकेले दम पर पूरे सिस्टम से टकरा जाता है। राजकुमार संतोषी के निर्देशन की सबसे बड़ी ताकत उनके धारदार संवाद और भावनात्मक रूप से झकझोर देने वाले दृश्य होते हैं। मेकर्स का दावा है कि इस फिल्म में दर्शकों को 90 के दशक के उस रॉ और रोंगटे खड़े कर देने वाले एक्शन का अनुभव होगा, जो आज के वीएफएक्स (VFX) आधारित सिनेमा में कहीं खो गया है। फिल्म के प्री-प्रोडक्शन का काम तेजी से शुरू किया जा रहा है ताकि 'लाहौर 1947' की रिलीज के बाद इसकी शूटिंग फ्लोर पर जा सके।

'गदर 2' के बाद सनी देओल का स्वर्णिम काल: बैक-टू-बैक ब्लॉकबस्टर्स की कतार

साल 2023 में 'गदर 2' के जरिए 500 करोड़ से अधिक की ऐतिहासिक कमाई करके बॉक्स ऑफिस पर अपनी निर्विवाद बादशाहत साबित करने वाले सनी देओल इस समय अपने करियर के सबसे व्यस्त और स्वर्णिम दौर से गुजर रहे हैं। 67 वर्ष की उम्र में भी उनका स्टारडम और स्क्रीन प्रेजेंस युवा अभिनेताओं को कड़ी टक्कर दे रहा है।

सनी देओल की आगामी फिल्मों की कतार इस बात की गवाही देती है कि वे भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े एक्शन सुपरस्टार बने हुए हैं:

लाहौर 1947 (बंटवारा 1947): राजकुमार संतोषी द्वारा निर्देशित और आमिर खान द्वारा निर्मित यह ऐतिहासिक फिल्म रिलीज के लिए तैयार है, जिसमें सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा और शबाना आजमी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

जाट (SDGM): साउथ के जाने-माने निर्देशक गोपीचंद मलिनेनी के साथ बन रही यह मास-एक्शन फिल्म बड़े बजट पर तैयार हो रही है।

बॉर्डर 2: जेपी दत्ता और अनुराग सिंह के निर्देशन में बन रही इस वॉर-एपिक में सनी देओल के साथ वरुण धवन और दिलजीत दोसांझ जैसे बड़े सितारे नजर आएंगे।

सफर और अपने 2: भावनात्मक पारिवारिक ड्रामा जो उनके पारिवारिक दर्शकों को फिर से सिनेमाघरों तक खींचेंगे।

ऐसे मजबूत लाइनअप के बीच राजकुमार संतोषी के साथ एक और फिल्म का जुड़ना यह स्पष्ट करता है कि सनी देओल आने वाले कई सालों तक बॉक्स ऑफिस के शिखर पर राज करने वाले हैं।

बॉक्स ऑफिस पर महा-सुनामी की आहट: ट्रेड एनालिस्ट्स और दर्शकों में भारी उत्साह

बॉलीवुड ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि सनी देओल और राजकुमार संतोषी का कॉम्बिनेशन आज के दौर में सबसे बड़ा कमर्शियल ब्रांड है। सिंगल स्क्रीन थिएटर्स से लेकर मल्टीप्लेक्स तक, यह जोड़ी हर वर्ग के दर्शक को सिनेमाघरों तक खींचने का माद्दा रखती है। आज का दर्शक जहां बनावटी और सतही एक्शन फिल्मों से ऊब चुका है, वहीं वह ऐसे जमीनी, भावनात्मक और रोंगटे खड़े कर देने वाले ड्रामा की तलाश में है जो दिल को छू ले।

फिल्म विश्लेषकों का कहना है कि जिस तरह से दक्षिण भारतीय सिनेमा अपने मास हीरोज को लार्जर-दैन-लाइफ लेकिन इमोशनली कनेक्टेड अंदाज में पेश कर रहा है, राजकुमार संतोषी वही काम हिंदी सिनेमा में तीन दशक पहले से करते आ रहे हैं। जब सनी देओल की दहाड़ और संतोषी की भारी-भरकम लेखनी एक साथ पर्दे पर टकराएगी, तो बॉक्स ऑफिस पर कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित होना तय है।

दर्शकों के बीच इस बात को लेकर जबरदस्त उत्सुकता है कि क्या इस नई फिल्म में एक बार फिर 'घायल' और 'घातक' जैसा कोई नया 'बलवंत राय' या 'कात्या' जैसा खूंखार खलनायक देखने को मिलेगा। इस नए प्रोजेक्ट की आधिकारिक घोषणा जल्द ही एक भव्य टीजर या पोस्टर के साथ की जाने की उम्मीद है, जिसने अभी से ही पूरे फिल्म जगत के तापमान को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।