6 साल बाद चीन-उत्तर कोरिया के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू, कोरोना काल से लगा था 'ताला'

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India News Live,Digital Desk : चीन और उत्तर कोरिया के बीच कूटनीतिक और व्यापारिक रिश्तों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद से पिछले छह वर्षों से बंद पड़ी सीधी हवाई सेवा सोमवार को आधिकारिक तौर पर बहाल हो गई। चीन की राष्ट्रीय विमानन कंपनी 'एयर चाइना' (Air China) के विमान ने बीजिंग से उड़ान भरकर उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में लैंडिंग की। इस कदम को दोनों कम्युनिस्ट देशों के बीच बढ़ते भरोसे और आर्थिक सहयोग के रूप में देखा जा रहा है।

राजदूत ने किया स्वागत, ट्रेन के बाद अब आसमान भी खुला

बीजिंग और प्योंगयांग के बीच हवाई सेवाओं की बहाली महज एक शुरुआत नहीं है, बल्कि यह उत्तर कोरिया के धीरे-धीरे दुनिया के लिए खुलने का संकेत है। उत्तर कोरिया में चीन के राजदूत वांग याजुन और अन्य वरिष्ठ राजनयिकों ने एयर चाइना की पहली उड़ान का भव्य स्वागत किया। गौरतलब है कि इससे ठीक पहले 12 मार्च को दोनों देशों के बीच यात्री ट्रेन सेवा भी फिर से शुरू की जा चुकी है। अब सड़क, रेल और हवाई मार्ग, तीनों ही जरिए से दोनों देश फिर से जुड़ गए हैं।

उत्तर कोरिया की अर्थव्यवस्था के लिए 'संजीवनी' हैं चीनी पर्यटक

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रतिबंधों से पहले उत्तर कोरिया आने वाले विदेशी पर्यटकों में 90 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले चीन की थी। महामारी के दौरान उत्तर कोरिया ने अपनी सीमाओं को पूरी तरह सील कर दिया था, जिससे वहां का पर्यटन उद्योग तबाह हो गया था। अब हवाई सेवाओं के शुरू होने से चीनी पर्यटकों की वापसी होगी, जिससे किम जोंग उन की सरकार को विदेशी मुद्रा और राजस्व का बड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है। 2024 में रूस के कुछ समूहों ने वहां का दौरा शुरू किया था, लेकिन चीन की एंट्री इस क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगी।

अमेरिका और दक्षिण कोरिया की बढ़ी धड़कनें

चीन और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती नजदीकियों ने वाशिंगटन और सियोल में चिंता की लकीरें खींच दी हैं। एक तरफ उत्तर कोरिया लगातार मिसाइल परीक्षण कर रहा है, तो दूसरी तरफ चीन उसे आर्थिक ढाल प्रदान कर रहा है। सितंबर में किम जोंग उन की बीजिंग यात्रा और चीनी सैन्य परेड में उनकी शिरकत ने साफ कर दिया था कि दोनों देश साझा हितों के लिए मतभेदों को किनारे रखने को तैयार हैं। हालांकि, बीजिंग ने कभी-कभी मिसाइल परीक्षणों पर असंतोष जताया है, लेकिन उसका झुकाव हमेशा प्योंगयांग की तरफ ही रहा है।

ट्रंप की चीन यात्रा और क्षेत्रीय समीकरण

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मई में प्रस्तावित चीन यात्रा को लेकर चर्चाएं तेज हैं। उत्तर कोरिया द्वारा हाल ही में किए गए मिसाइल इंजन परीक्षणों ने अमेरिका की टेंशन बढ़ा दी है। ऐसे में चीन द्वारा उत्तर कोरिया के लिए अपने दरवाजे खोलना एक बड़ा कूटनीतिक संदेश माना जा रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि एयर कनेक्टिविटी बहाल होने के बाद किम जोंग उन के परमाणु कार्यक्रमों पर चीन का क्या रुख रहता है।