यूरोप में भीषण गर्मी से 2,300 मौतें, टेक्सास में बाढ़ बनी तबाही का कारण

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India News Live,Digital Desk : पश्चिमी यूरोप इस बार चिलचिलाती गर्मी की चपेट में रहा, जिससे केवल 10 दिनों में करीब 2,300 लोगों की मौत हो गई। वैज्ञानिकों के एक नए विश्लेषण के मुताबिक यह हालात दो जुलाई तक के 10 दिनों में बने, जब फ्रांस, स्पेन, ब्रिटेन और इटली के बड़े शहरों में तापमान असामान्य रूप से बढ़ गया।

स्पेन में 40 डिग्री से पार, फ्रांस के जंगलों में आग
स्पेन में पारा 40 डिग्री सेल्सियस पार कर गया, वहीं फ्रांस के जंगल धधक उठे। बार्सिलोना, मैड्रिड, लंदन और मिलान जैसे शहरों में हीटवेव का असर और भी अधिक रहा। तापमान सामान्य से 4 डिग्री तक ज्यादा दर्ज किया गया।

जलवायु परिवर्तन बना मौतों की बड़ी वजह
इंपीरियल कॉलेज लंदन और लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन की रिपोर्ट बताती है कि इन मौतों में से 1,500 मौतें सीधे तौर पर जलवायु परिवर्तन से जुड़ी थीं। रिपोर्ट में डॉ. बेन क्लार्क ने कहा, "जलवायु परिवर्तन ने गर्मी को इतना तीव्र बना दिया है कि यह अब पहले से कहीं अधिक खतरनाक बन चुका है।"

अमेरिका: टेक्सास की बाढ़ से तबाही, 100 से ज्यादा मौतें

अचानक आई बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त
टेक्सास में आई भयंकर बाढ़ ने अब तक 100 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। कई लोग अभी भी लापता हैं और बचाव कार्य कीचड़ भरे नदी किनारों पर जारी है। आने वाले दिनों में और बारिश और तूफान की चेतावनी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

गर्ल्स समर कैंप की बच्चियां लापता
क्रिश्चियन गर्ल्स समर कैंप ‘कैंप मिस्टिक’ की पुष्टि के अनुसार अब तक 27 बच्चों और स्टाफ की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 10 लड़कियां और एक कैंप काउंसलर अभी भी लापता हैं। हालात बेहद संवेदनशील हैं और जीवित बचे लोगों की तलाश चौथे दिन भी जारी है।

84 मौतें केवल केर काउंटी में
केर काउंटी शेरिफ कार्यालय के अनुसार, अब तक 84 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें 56 वयस्क और 28 बच्चे शामिल हैं। इनमें से कई की पहचान अब तक नहीं हो पाई है।