अमरनाथ यात्रा के 5वें दिन अंतर्ध्यान हुए बाबा बर्फानी! समय से पहले पवित्र हिमलिंग पिघलने से भक्तों में मायूसी
पवित्र अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2026) के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद भावुक और हैरान कर देने वाली खबर है। पारंपरिक तौर पर बाबा बर्फानी का हिमलिंग सावन पूर्णिमा तक अपनी पूर्ण आकृति में रहता है, लेकिन इस वर्ष यात्रा शुरू होने के महज 5वें दिन ही पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से निर्मित हिमलिंग पूरी तरह पिघलकर 'अंतर्ध्यान' हो गया है। इस खबर के सामने आते ही उन हजारों भक्तों में मायूसी छा गई है जो अभी दर्शन के लिए कतारों में थे या यात्रा की तैयारी कर रहे थे।
तेज गर्मी और 'ह्यूमन हीट' बनी हिमलिंग के पिघलने का कारण
मौसम वैज्ञानिकों और मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस साल हिमालयी क्षेत्रों में बढ़ रही अप्रत्याशित गर्मी और तापमान में लगातार इजाफा हिमलिंग के समय से पहले पिघलने का मुख्य कारण है। इसके साथ ही, पवित्र गुफा के छोटे दायरे में हर दिन हजारों श्रद्धालुओं की भारी तादाद और उनके शरीर से निकलने वाली ऊष्मा (Human Heat) के कारण भी वहां का तापमान तेजी से बढ़ जाता है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते बर्फ की प्राकृतिक संरचना का टिक पाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है।
दर्शन के लिए अभी भी उमड़ रहे भक्त, यात्रा रहेगी जारी
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड (SASB) ने स्पष्ट किया है कि हिमलिंग के अंतर्ध्यान होने के बावजूद यात्रा अपने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार जारी रहेगी। श्रद्धालु अब भी पवित्र गुफा के दर्शन करने और वहां की अलौकिक शांति व आशीर्वाद का अनुभव लेने के लिए 'बम-बम भोले' के जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे हैं। प्रशासन ने दर्शन की व्यवस्था, लंगर सेवाएं और सुरक्षा इंतजामों को पहले की तरह सुचारू बनाए रखने का भरोसा दिया है। भक्तों से अपील की गई है कि वे मौसम और भीड़ को देखते हुए प्रशासन के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।