श्रमिकों को दोपहर में 5 घंटे का विश्राम, हेल्पलाइन और ई-श्रम पोर्टल के जरिए सुरक्षा कवच
India News Live,Digital Desk : अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) के अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश के करोड़ों कामगारों के लिए राहतों की झड़ी लगा दी है। प्रदेश में बढ़ती तपिश और भीषण 'हीट वेव' को देखते हुए सरकार ने निर्माण और औद्योगिक श्रमिकों के कार्य-घंटों में ऐतिहासिक बदलाव किया है। अब श्रमिकों को दोपहर की चिलचिलाती धूप में काम नहीं करना होगा। इसके साथ ही, श्रमिकों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम और विशेष हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।
हीट वेव से बचाव: 11 से 4 बजे तक काम पर पाबंदी
भीषण गर्मी को देखते हुए श्रम एवं सेवायोजन विभाग ने नया शिड्यूल जारी किया है। अब श्रमिकों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक का अनिवार्य विश्राम मिलेगा।
नया समय: अब काम की शिफ्ट सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 4 बजे से 7 बजे के बीच होगी।
सख्त निर्देश: 11 से 4 के बीच खुले में किसी भी प्रकार का काम कराना प्रतिबंधित होगा। यदि काम बहुत आवश्यक है, तो उसे केवल इंडोर (छाया में) ही कराया जा सकेगा।
सुरक्षा किट: कार्यस्थलों पर स्वच्छ पेयजल, ओआरएस (ORS) और प्राथमिक उपचार किट की उपलब्धता अनिवार्य कर दी गई है।
हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम: अब एक कॉल पर मिलेगी मदद
मई दिवस पर सरकार ने श्रमिकों के लिए राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित किया है। किसी भी समस्या या उत्पीड़न की स्थिति में श्रमिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:
टोल फ्री नंबर: 1800-180-5160
मोबाइल नंबर: 9695892592, 9889892592
गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) विशेष हेल्पलाइन: 0120-4126892
दो दशक में ढाई गुना बढ़ी मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा
उत्तर प्रदेश में पिछले 20 वर्षों में श्रमिकों की स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आया है। 2006 में जहां अकुशल श्रमिक की मासिक मजदूरी करीब 5200 रुपये थी, वहीं मार्च 2026 में यह 11,020 रुपये तक पहुंच गई। हाल ही में नोएडा श्रमिक विवाद के बाद सरकार ने इसमें 21% की अंतरिम वृद्धि की है, जिससे गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जैसे 'ए' श्रेणी के शहरों में अब न्यूनतम वेतन 13,690 रुपये प्रति माह हो गया है।
श्रमिकों के लिए सरकारी योजनाओं का अंबार
योगी सरकार ने श्रमिकों के बच्चों और परिवार के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की हैं:
अटल आवासीय विद्यालय: श्रमिकों के बच्चों के लिए कक्षा 6 से 12 तक नि:शुल्क विश्वस्तरीय शिक्षा और रहने की व्यवस्था।
कन्या विवाह सहायता: श्रमिकों की बेटियों की शादी के लिए 65 हजार से 1 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद।
स्वास्थ्य कवच: आयुष्मान योजना के तहत श्रमिक परिवारों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज।
शिशु हितलाभ: बालक के जन्म पर 20 हजार और बालिका पर 25 हजार रुपये की सहायता।
ई-श्रम पोर्टल: यूपी में 8 करोड़ 44 लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं, जिन्हें सीधे सरकारी लाभ मिल रहा है।
सामूहिक विवाह और डिजिटल क्रांति
मई दिवस के अवसर पर आज गोरखपुर, अयोध्या, गाजियाबाद और गोंडा में सामूहिक विवाह कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जहां सैकड़ों श्रमिक जोड़ों का विवाह संपन्न होगा। प्रदेश सरकार अब श्रमिकों को सीधे बैंक खातों (DBT) के जरिए लाभ पहुंचा रही है, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और श्रमिक डिजिटल बैंकिंग से सशक्त हुए हैं।