दीवाली पर लक्ष्मी और गणेश की पूजा क्यों है खास
- by Priyanka Tiwari
- 2025-10-11 18:14:00
India News Live,Digital Desk : दीवाली सिर्फ दीपों का त्योहार नहीं, बल्कि यह धन, बुद्धि और समृद्धि का प्रतीक भी है। इस दिन हर घर में विधिपूर्वक देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होती है। लोग केवल धन की प्राप्ति के लिए ही नहीं, बल्कि घर में सुख-शांति और बुद्धिमत्ता लाने के लिए भी इनकी आराधना करते हैं।
पौराणिक कथा जो जानना जरूरी है
महापुराण में एक कथा आती है। कहते हैं कि एक बार लक्ष्मी जी अपनी महिमा को लेकर बहुत अभिमानी हो गई थीं। उन्हें लगा कि पूरा संसार केवल उनकी कृपा के लिए ही व्याकुल रहता है। इस पर भगवान विष्णु ने उन्हें समझाया कि भले ही संसार आपके लिए व्याकुल है, परंतु संतान न होने के कारण आप स्वयं हमेशा संतान के लिए व्याकुल रहती हैं।
लक्ष्मी जी यह बात लेकर दुखी मां पार्वती के पास गईं। तब मां पार्वती ने अपने पुत्र गणेश जी को लक्ष्मी जी की गोद में बैठा दिया। तभी से गणेश जी को लक्ष्मी का दत्तक पुत्र माना गया। प्रसन्न होकर लक्ष्मी जी ने आशीर्वाद दिया कि अब से उनकी पूजा गणेश जी के साथ की जाएगी।
और भी एक कारण
दीवाली पर लक्ष्मी और गणेश की पूजा का दूसरा कारण यह है कि लक्ष्मी जी धन और समृद्धि की देवी हैं, जबकि गणेश जी बुद्धि और विवेक के देवता हैं। जब धन आता है, तो व्यक्ति कभी-कभी घमंड में आ सकता है। ऐसे में गणेश जी की पूजा यह सुनिश्चित करती है कि व्यक्ति बुद्धि और विवेक के साथ धन का सही उपयोग करे।
साथ ही, गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। मान्यता है कि दीवाली पर माँ लक्ष्मी के साथ गणेश जी की पूजा करने से जीवन की सभी बाधाएँ दूर होती हैं और साधक के लिए समृद्धि के मार्ग खुलते हैं।
इसलिए हर वर्ष, दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा को खास महत्व दिया जाता है।