रसोई में जूते-चप्पल पहनकर जाना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें वास्तु के नियम

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India News Live, Digital Desk : भारतीय संस्कृति में रसोईघर को घर का सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। यही वह जगह होती है जहां भोजन तैयार होता है, इसलिए इसे देवी-देवताओं के समान सम्मान देने की परंपरा रही है। वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है। इन्हीं में से एक नियम है कि किचन में जूते-चप्पल पहनकर नहीं जाना चाहिए।

क्यों नहीं पहनने चाहिए जूते-चप्पल

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोईघर में साफ-सफाई और पवित्रता बनाए रखना बहुत जरूरी होता है। जूते-चप्पल बाहर की गंदगी और नकारात्मक ऊर्जा को घर के अंदर ला सकते हैं। इसलिए किचन में इन्हें पहनकर जाना अशुभ माना जाता है।

मां अन्नपूर्णा से जुड़ी मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रसोईघर में Annapurna देवी का वास माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि अगर रसोई में जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश किया जाए तो यह देवी अन्नपूर्णा का अपमान माना जाता है, जिससे घर में अन्न की कमी और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।

घर में नकारात्मकता बढ़ने की मान्यता

वास्तु विशेषज्ञों का मानना है कि रसोईघर में जूते-चप्पल पहनकर जाने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। इससे घर में तनाव और अशांति का माहौल बन सकता है।

स्वच्छता के लिहाज से भी जरूरी

धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अलावा स्वच्छता के नजरिए से भी किचन में जूते-चप्पल पहनकर जाना सही नहीं माना जाता। इससे बाहर की धूल और बैक्टीरिया खाने की जगह तक पहुंच सकते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकते हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोईघर में हमेशा साफ-सफाई बनाए रखनी चाहिए और वहां सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बनाने की कोशिश करनी चाहिए।