कौन हैं धनराज नथवानी? जिन्हें अखिलेश यादव ने बनाया राज्यसभा के लिए सपा का प्रत्याशी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के नामांकन के अंतिम क्षणों में उस वक्त सबसे बड़ा सियासी मोड़ आ गया, जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में धनराज परिमल नथवानी ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। प्रो. रामगोपाल यादव के साथ दूसरे उम्मीदवार के तौर पर धनराज नथवानी का नाम सामने आते ही राजनीतिक गलियारों से लेकर कॉर्पोरेट जगत तक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
सपा के इस कदम को पारंपरिक राजनीति से हटकर उद्योग जगत, आर्थिक विकास और युवा लीडरशिप को साधने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। धनराज नथवानी देश के उन चुनिंदा युवा कॉर्पोरेट लीडर्स में शामिल हैं, जिनकी पहचान न केवल भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूह से जुड़ी है, बल्कि खेल प्रशासन और सामाजिक विकास परियोजनाओं में भी उनका व्यापक दखल रहा है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज में अहम भूमिका और अंतरराष्ट्रीय प्रबंधन शिक्षा
धनराज नथवानी देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) में ग्रुप प्रेसिडेंट के अहम पद पर कार्यरत हैं। वह रिलायंस न्यू एनर्जी समेत समूह की कई प्रमुख रणनीतिक कंपनियों के निदेशक मंडल का हिस्सा हैं। जामनगर स्थित विश्व के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल और ऑयल रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के संचालन, रिलायंस जियो के देशव्यापी दूरसंचार नेटवर्क विस्तार और कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में उनकी मुख्य प्रबंधकीय भूमिका रही है।
शिक्षा की बात करें तो धनराज नथवानी ने लंदन के प्रतिष्ठित रीजेंट्स बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस में उच्च शिक्षा प्राप्त की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कॉर्पोरेट लॉ और पब्लिक रिलेशंस में उन्नत प्रबंधन प्रशिक्षण हासिल किया है। आधुनिक प्रबंधन तकनीकों और वैश्विक निवेश परिदृश्यों की गहरी समझ के कारण कॉर्पोरेट गलियारों में उनकी पहचान एक कुशल रणनीतिकार के तौर पर होती है।
गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष और नरेंद्र मोदी स्टेडियम का निर्माण
कॉर्पोरेट जगत के अलावा धनराज नथवानी की एक मजबूत पहचान खेल प्रशासक के रूप में भी है। वह वर्तमान में गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष हैं। इससे पूर्व वह इस संस्था में उपाध्यक्ष के पद पर भी रह चुके हैं। अहमदाबाद के मोटेरा में दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम 'नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम' के निर्माण, डिजाइनिंग और वर्ल्ड-क्लास लॉजिस्टिक्स को अंतिम रूप देने में धनराज नथवानी ने केंद्रीय भूमिका निभाई थी।
क्रिकेट के साथ-साथ वह गुजरात स्टेट फुटबॉल एसोसिएशन (GSFA) के अध्यक्ष के रूप में जमीनी स्तर पर फुटबॉल खिलाड़ियों को तराशने के मिशन में भी जुटे हैं। इसके अलावा, सामाजिक और सांस्कृतिक पटल पर वे गुजरात के प्रसिद्ध द्वारकाधीश देवस्थान प्रशासनिक समिति के उपाध्यक्ष के रूप में धार्मिक स्थलों के सुंदरीकरण और जनसुविधाओं के विस्तार का कार्य भी देखते रहे हैं।
पिता एनडीए खेमे में तो बेटा सपा के साथ, संसद में पिता-पुत्र की अनोखी जोड़ी
धनराज नथवानी के राज्यसभा जाने के साथ ही देश के संसदीय इतिहास में एक बेहद दिलचस्प अध्याय भी जुड़ने जा रहा है। उनके पिता परिमल नथवानी भारतीय उद्योग जगत के कद्दावर रणनीतिकार हैं और वर्तमान में झारखंड से एनडीए के समर्थन से राज्यसभा सांसद हैं। परिमल नथवानी लगातार चौथी बार संसद के उच्च सदन में प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
पिता के एनडीए समर्थक खेमे में होने और बेटे के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा जाने के बाद संसद के उच्च सदन में पिता-पुत्र की एक बेहद अनोखी और चर्चित जोड़ी देखने को मिलेगी। नथवानी परिवार का देश के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों, शीर्ष नेताओं और नीति-निर्माताओं के साथ दशकों पुराना मधुर और आत्मीय संबंध रहा है।
अखिलेश यादव की रणनीति: उद्योग जगत से सीधा तालमेल और रोजगार का विजन
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने धनराज नथवानी को प्रत्याशी बनाने के पीछे पार्टी के विकासोन्मुखी विजन को स्पष्ट किया है। अखिलेश का कहना है कि आज का दौर आर्थिक प्राथमिकताओं और बड़े औद्योगिक निवेश का है। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में युवाओं के लिए आधुनिक रोजगार के अवसर तैयार करने के लिए उद्योग जगत से सीधा संवाद बेहद जरूरी है।
अखिलेश यादव ने आलोचकों को जवाब देते हुए यह भी साफ किया कि डॉ. राममनोहर लोहिया का समाजवाद कभी उत्पादन और समृद्धि का विरोधी नहीं था, बल्कि वह धन सृजन और उसके न्यायसंगत वितरण की वकालत करता था। संख्याबल के लिहाज से उत्तर प्रदेश विधानसभा में समाजवादी पार्टी के पास अपने दम पर दोनों सीटों को जिताने के लिए पर्याप्त विधायकों का समर्थन प्राप्त है, जिससे धनराज नथवानी की संसद में एंट्री पूरी तरह सुनिश्चित मानी जा रही है।