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August 19 2026 01:31 am

24 या 25 जुलाई: देवशयनी एकादशी कब है? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का समय

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हिंदू धर्म में आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु चार महीनों के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और चातुर्मास की शुरुआत होती है। चातुर्मास के दौरान विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे सभी शुभ व मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है।

कब है देवशयनी एकादशी 2026? (उदया तिथि और भद्रा काल)

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ शुक्ल एकादशी तिथि 24 जुलाई 2026 को सुबह 05:24 बजे से शुरू होकर 25 जुलाई को सुबह 08:04 बजे तक रहेगी। शास्त्रों में उदया तिथि का महत्व होने के कारण देवशयनी एकादशी का व्रत 25 जुलाई 2026 (शनिवार) को ही मान्य रहेगा।

भद्रा काल का समय: देवशयनी एकादशी के दिन सुबह 06:15 बजे से सुबह 08:04 बजे तक भद्रा काल रहेगा। भद्रा काल के दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।

देवशयनी एकादशी पूजन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:06 बजे से सुबह 05:40 बजे तक

अभिजित मुहूर्त: दोपहर 01:26 बजे से दोपहर 02:28 बजे तक

विजय मुहूर्त: शाम 04:31 बजे से शाम 05:32 बजे तक

अमृत काल: शाम 06:11 बजे से रात 07:59 बजे तक

गोधूलि मुहूर्त: रात 09:39 बजे से रात 09:56 बजे तक

व्रत पारण का सही समय (Devshayani Ekadashi Paran Muhurat)

देवशयनी एकादशी व्रत का पारण 26 जुलाई 2026 (रविवार) को किया जाएगा। पारण का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 06:16 बजे से सुबह 09:20 बजे तक रहेगा। द्वादशी तिथि की समाप्ति सुबह 10:27 बजे होगी, इसलिए इससे पूर्व ही पारण कर लें।

देवशयनी एकादशी व्रत का धार्मिक महत्व

मान्यता है कि देवशयनी एकादशी के दिन व्रत रखने और श्री हरि विष्णु संग मां लक्ष्मी की विधिवत पूजा करने से साधक के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। घर में सुख-समृद्धि, शांति और आर्थिक संपन्नता आती है तथा अंत समय में मोक्ष की प्राप्ति होती है।