Romeo-Juliet कानून क्या है और क्यों SC ने इसे POCSO में जोड़ने को कहा

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India News Live,Digital Desk : सुप्रीम कोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के लागू होने के तरीके पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से सुझाव दिया है कि कानून में एक “Romeo-Juliet प्रावधान (clause)” शामिल करने पर विचार करे ताकि वास्तविक और आपसी सहमति वाले किशोर संबंधों को अपराध माना जाने से बचाया जा सके। 

POCSO Act का मूल उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देना है। इस कानून के तहत अगर कोई बच्चा (18 साल से कम उम्र) के साथ यौन संबंध में होता है, तो उसे स्वतः अपराध माना जाता है, चाहे वह संबंध दोनों पक्षों की आपसी सहमति से क्यों न हो। इसी वजह से कई बार ऐसे मामलों में व्यवस्था का दुरुपयोग होने की शिकायते सामने आई हैं।

“Romeo-Juliet” प्रावधान का मतलब है कि जब दो किशोरों के बीच आपसी सहमति वाला संबंध हो और उनकी उम्र में मामूली अंतर हो, तो इसे POCSO के तहत आपराधिक रूप से न माना जाए। ऐसा प्रावधान अगर कानून में शामिल किया जाता है, तो ऐसी परिस्थितियों में बिना किसी आपराधिक मुकदमे के मामलों को सुलझाया जा सकता है और अनावश्यक कानूनी कार्रवाई से बचा जा सकता है।

अदालत ने यह भी कहा है कि POCSO के दुरूपयोग को रोकने के लिए केवल कानून की कठोरता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसे मामलों में मिसयूज को पकड़ने के भी प्रावधान होने चाहिए। यह सुझाव उन स्थितियों के लिए खास तौर पर दिया गया है जहाँ किशोर-किशोरियों के बीच प्रेम-संबंध हैं और दोनों पक्ष सहमत हैं, लेकिन वर्तमान कानून उन्हें भी अपराधी बनाता है। 

इस सुझाव का उद्देश्य

POCSO Act का मुख्य मकसद बच्चों की सुरक्षा रखना है, लेकिन कुछ मामलों में इसे बदले, प्रतिष्ठा या सामाजिक दबाव जैसे कारणों से गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ सहमति वाला संबंध स्वयं में यौन उत्पीड़न नहीं है, और उसे कानून के कठोर दायरे में आना नहीं चाहिए। 

इसलिए सरकार को विचार करना चाहिए कि ऐसे मामलों में “Romeo-Juliet” जैसी छूट मिल सके ताकि किशोरों को अनावश्यक कानूनी परेशानी से बचाया जा सके। 

सुप्रीम कोर्ट का यह सुझाव यह संकेत देता है कि कानून-व्यवस्था में न्याय, सुरक्षा और किशोरों के रिश्तों के प्रति संवेदनशील संतुलन बनाने की जरूरत है, और इसके लिए विधायी सुधारों पर विचार होना चाहिए।