Vinayaka Chaturthi 2025 : नहाय-खाय और पूजा की पूरी जानकारी
India News Live,Digital Desk : प्रत्येक महीने की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित होती है। इस दिन भक्त अपनी भक्ति भाव से गणेश जी की पूजा करते हैं और सुख-सौभाग्य बढ़ाने के लिए व्रत रखते हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने से हर मनोकामना पूरी होती है।
कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि से ही छठ पूजा का महापर्व शुरू होता है। वहीं, शुक्ल पक्ष की चतुर्थी पर विनायक चतुर्थी मनाई जाती है। साधकों के लिए सही तिथि और मुहूर्त जानना जरूरी होता है।
विनायक चतुर्थी कब है?
वैदिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 25 अक्टूबर 2025 को है। इस दिन सुबह 07:06 बजे से तिथि आरंभ होगी। चतुर्थी तिथि पर चंद्र दर्शन करने की परंपरा है।
नहाय-खाय की तिथि
छठ पूजा के पहले दिन को नहाय-खाय के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष नहाय-खाय भी 25 अक्टूबर 2025 को होगा। इसके अगले दिन खरना पूजा होती है। फिर कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है और अगले दिन उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया जाता है।
विनायक चतुर्थी पूजा विधि
- सूर्योदय से पहले उठें और घर की सफाई करें।
- गंगाजल या शुद्ध पानी से स्नान करें।
- आचमन कर स्वयं को शुद्ध करें और पीले रंग के कपड़े पहनें।
- सूर्य देव को जल अर्पित करें।
- पंचोपचार के साथ भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा करें।
- गणेश चालीसा का पाठ और मंत्रों का जप करें।
- पूजा के अंत में आरती करें और सुख, समृद्धि व शांति की कामना करें।
गणेश मंत्रों का जप
- वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥
- ऊँ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात् ॥
- दन्ताभये चक्रवरौ दधानं, कराग्रगं स्वर्णघटं त्रिनेत्रम्। धृताब्जयालिङ्गितमाब्धि पुत्र्या-लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे॥
- ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं चिरचिर गणपतिवर वर देयं मम वाँछितार्थ कुरु कुरु स्वाहा।
- ॐ श्रीं गं सौभ्याय गणपतये वर वरद सर्वजनं में वशमानय स्वाहा।
इस वर्ष विनायक चतुर्थी और नहाय-खाय का अवसर भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन पूजा और व्रत करने से घर में सुख, समृद्धि और शांति आती है।