UP Police 'ऑपरेशन लंगड़ा' का खौफ: बदायूं जेल में बदमाशों के लिए बदले नियम, अब जेलर साहब करा रहे ये खास इंतजाम...
India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के बदायूं से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सूबे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन लंगड़ा' का असर अब जेलों के भीतर भी दिखने लगा है। पुलिस मुठभेड़ में घायल होकर जेल पहुंच रहे बदमाशों की बढ़ती तादाद को देखते हुए बदायूं जिला जेल प्रशासन को अपनी व्यवस्थाओं में बड़े बदलाव करने पड़े हैं।
बदमाशों की 'लंगड़ाहट' ने बढ़ाई जेल प्रशासन की चिंता
यूपी पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई में पैर में गोली लगने के कारण कई अपराधी चलने-फिरने से लाचार हो गए हैं। बदायूं जेल में ऐसे बंदियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है जिनकी स्थिति वर्तमान में 'दिव्यांगों' जैसी हो गई है। हालत यह है कि ये अपराधी न तो खुद से बैरक तक जा पा रहे हैं और न ही दैनिक कार्यों के लिए सामान्य शौचालय का उपयोग कर पा रहे हैं। इसी समस्या को देखते हुए जेल प्रशासन ने अब उनके लिए विशेष बुनियादी ढांचे तैयार करने का फैसला लिया है।
व्हीलचेयर के लिए रैंप और वेस्टर्न टॉयलेट की व्यवस्था
जेल सूत्रों के मुताबिक, घायल अपराधियों को बैरकों में आने-जाने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए जेल परिसर में जगह-जगह रैंप बनवाए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, साधारण शौचालय के इस्तेमाल में आ रही परेशानियों को देखते हुए जेल के भीतर कमोड (वेस्टर्न) टॉयलेट का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। जेल प्रशासन का तर्क है कि मानवीय आधार और जेल मैनुअल के अनुसार बीमार या घायल बंदियों को सुविधाएं देना अनिवार्य है, ताकि उनकी चोट और न बढ़े।
जेल अस्पताल में आधा दर्जन 'हाफ एनकाउंटर' वाले बंदी
वर्तमान में बदायूं जिला जेल के अस्पताल में छह ऐसे कुख्यात अपराधी उपचाराधीन हैं, जो पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल हुए थे। इन सभी के पैरों में गोलियां लगी हैं, जिस वजह से ये वैशाखी या व्हीलचेयर के सहारे हैं। जेल प्रशासन इन पर पैनी नजर रख रहा है और इनके इलाज के साथ-साथ जेल के भीतर की आवाजाही को सुगम बनाने में जुटा है। यूपी में 'ऑपरेशन लंगड़ा' की यह गूंज अब अपराधियों के मन में खौफ और जेल प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गई है।