'मिर्जापुर: द मूवी' में विक्रांत मैसी की जगह जितेंद्र कुमार को लेने पर बोले निर्देशक गुरमीत सिंह
ओटीटी के पर्दे से निकलकर सिनेमाघरों के बड़े पर्दे पर भौकाल मचाने वाली फिल्म 'मिर्जापुर: द मूवी' लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। जहां पंकज त्रिपाठी के कालीन भैया और अली फजल के गुड्डू पंडित के जलवे ने दर्शकों को बांधे रखा, वहीं रिलीज से पहले और बाद में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रही फिल्म की रीकास्टिंग। वेब सीरीज के पहले सीजन में 'बबलू पंडित' का प्रतिष्ठित किरदार निभाने वाले अभिनेता विक्रांत मैसी की जगह फिल्म में 'पंचायत' फेम जितेंद्र कुमार को कास्ट किया गया था। अब इस चौंकाने वाले रिप्लेसमेंट और रचनात्मक बदलाव पर फिल्म के निर्देशक गुरमीत सिंह ने पहली बार खुलकर बात की है। निर्देशक का दावा है कि विक्रांत मैसी की जगह जितेंद्र कुमार का आना फिल्म के लिए एक छिपा हुआ वरदान साबित हुआ, जिसने कहानी और किरदार दोनों को नए सिरे से जीने की ताकत दी।
रीकास्टिंग पर बोले निर्देशक गुरमीत सिंह: कोई किरदार किसी एक से बंधा नहीं होता
निर्देशक गुरमीत सिंह ने हालिया इंटरव्यू में बबलू पंडित के किरदार के रीकास्टिंग के फैसले को पूरी तरह सही ठहराते हुए कहा कि किसी भी काल्पनिक दुनिया और रचनात्मक प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खूबसूरती यही होती है कि एक कलाकार और निर्देशक के पास हमेशा विकल्प होने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक क्रिएटर के तौर पर हम सब यही चाहते हैं कि हमारे पास रास्ते खुले हों और हम अपने दिल की बात सुन सकें। कोई भी कहानी, कोई सफर या कोई किरदार किसी एक व्यक्ति से हमेशा के लिए बंधा नहीं होता। शो और सिनेमा हमेशा आगे बढ़ते रहते हैं। गुरमीत ने कहा कि इस बदलाव को उन्होंने एक झटके के रूप में लेने के बजाय अपने फायदे में बदलने का फैसला किया।
'जितेंद्र कुमार का आना वरदान बना, बबलू को मिला नया रूप और ताकत'
निर्देशक ने आगे विस्तार से समझाया कि जब जितेंद्र कुमार इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बने, तो उन्होंने फिल्म में एक बिल्कुल नई ऊर्जा और पहचान जोड़ दी। गुरमीत सिंह के मुताबिक, "यह हमारे लिए एक 'ब्लेसिंग इन डिसगाइज' (छिपा हुआ वरदान) साबित हुआ। सीरीज में बबलू पंडित ज्यादातर अपने भाई गुड्डू का साथ दे रहा था और वह एक तरह से परिस्थितियों का पीड़ित था, जिसका खुद का कोई स्वतंत्र एजेंडा नहीं दिखता था। लेकिन इस फिल्म में बबलू खुद गेम खेल रहा है। वह कहानी के केंद्र में है और नैरेटिव को आगे बढ़ा रहा है। जितेंद्र के आने से हमें बबलू के किरदार को नए सिरे से गढ़ने और उसे ज्यादा सशक्त व प्रभावशाली बनाने का मौका मिला।"
मुश्किलों को फायदे में बदलने की सीख: कैसे बदला स्क्रीनप्ले
गुरमीत सिंह ने जोर देकर कहा कि रचनात्मक दुनिया में असफलताओं या अप्रत्याशित बाधाओं को अपने पक्ष में मोड़ना ही सबसे बड़ी कला है। कास्टिंग में हुए इस बदलाव ने राइटिंग टीम को प्रेरित किया कि वे बबलू पंडित को केवल एक सपोर्टिंग किरदार न रखकर पूरी कहानी का मुख्य ड्राइविंग फोर्स बना दें। फिल्म में जितेंद्र कुमार के शांत लेकिन खतरनाक अंदाज ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। निर्देशक ने माना कि जितेंद्र ने अपने काम से न सिर्फ शो को एक नई ताजगी दी, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि एक मजबूत किरदार को अगर नया नजरिया दिया जाए, तो वह पुराने ढर्रे से कहीं ज्यादा असरदार हो सकता है।
बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ पार, खुले भविष्य के नए दरवाजे
'मिर्जापुर: द मूवी' ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी जबरदस्त कमाई से साबित कर दिया है कि दर्शकों ने इस नए बदलाव को खुले दिल से स्वीकार किया है। दुनिया भर में 330 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कलेक्शन जुटा चुकी यह फिल्म पूर्वांचल के क्राइम ड्रामा को एक नए मुकाम पर ले गई है। निर्देशक गुरमीत सिंह ने कहा कि फिल्म की इस अपार सफलता ने उनके और पूरी टीम के लिए भविष्य की कई नई संभावनाओं और नए स्पिन-ऑफ्स के दरवाजे खोल दिए हैं। अब दर्शक यह देखने के लिए बेताब हैं कि मिर्जापुर की इस नई टाइमलाइन और किरदारों के सफर को आने वाले समय में किस दिशा में आगे बढ़ाया जाता है।