जिस UAE ने पाला, उसे ही देने लगा 'गाली'; कर्ज वापसी की मांग पर बौखलाए पाक नेता, भारत को भी घसीटा

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India News Live,Digital Desk : पाकिस्तान की कंगाली और बेशर्मी अब दुनिया के सामने पूरी तरह उजागर हो गई है। दशकों से जिस संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के कर्ज और खैरात पर पाकिस्तान की सांसें चल रही थीं, अब उसी के खिलाफ पाकिस्तानी नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। मामला तब बिगड़ा जब कंगाली के दौर में फंसी शहबाज सरकार से UAE ने अपने 2 अरब डॉलर (लगभग 16,500 करोड़ रुपये) का पुराना कर्ज वापस मांग लिया। इस 'उधारी वापसी' के फरमान ने पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में ऐसी आग लगाई कि सांसद और पूर्व नेता खुलेआम गाली-गलौज और धमकियों पर उतर आए हैं।

"दफा हो जाओ... चापलूसी करो": पाक नेताओं के बिगड़े बोल

कर्ज लौटाने की फजीहत से तिलमिलाए पाकिस्तानी नेताओं ने मर्यादा की सारी सीमाएं लांघ दी हैं। पूर्व सांसद मुस्तफा नवाज ने सोशल मीडिया पर बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए लिखा:

"यह उनका ही पैसा था और उसे वापस लेने का हक भी उन्हीं का था। बहुत-बहुत धन्यवाद। अब दफा हो जाओ, और जाकर वही करो जिसमें तुम सबसे माहिर हो—ट्रंप और नेतन्याहू की चापलूसी करना!"

वहीं, सांसद मुशाहिद हुसैन ने एक न्यूज़ चैनल पर UAE का मज़ाक उड़ाते हुए उसे 'बेचारा और मजबूर' कह डाला।

भारत-UAE की दोस्ती से लगी मिर्ची: दी 'अखंड भारत' की धमकी

पाकिस्तान की इस बौखलाहट की एक बड़ी वजह भारत और UAE के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकियां भी हैं। पाकिस्तानी सांसद ने सरेआम UAE को नसीहत देते हुए भारत के खिलाफ जहर उगला। उन्होंने कहा:

भारतीय आबादी का डर: "आपकी 10 मिलियन की आबादी में 4.3 मिलियन भारतीय हैं। सावधान रहें।"

अखंड भारत का जिन्न: मुशाहिद हुसैन ने आगे कहा कि भारत के साथ बढ़ती दोस्ती के कारण कहीं UAE खुद ही 'अखंड भारत' का हिस्सा न बन जाए।

अजीबोगरीब दावा: "हमने बनाया है UAE"

हैरानी की बात यह है कि जो देश खुद आटे की बोरी के लिए लड़ रहा है, उसके नेता दावा कर रहे हैं कि UAE को बनाने में पाकिस्तान का हाथ है। मुशाहिद हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा अमीरात की मदद की है, जबकि हकीकत यह है कि पाकिस्तान के पास अब अपने विदेशी मुद्रा भंडार में मुश्किल से 3 महीने के खर्च का पैसा बचा है।

क्यों नाराज हुआ UAE? ईरान युद्ध है असली वजह

जानकारों के मुताबिक, UAE की इस सख्त कार्रवाई के पीछे ईरान-अमेरिका युद्ध में पाकिस्तान का दोहरा रवैया है।

ईरान से नजदीकियां: पाकिस्तान एक तरफ अमेरिका का दोस्त होने का नाटक कर रहा है, तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे ईरान की मदद कर रहा है।

विश्वासघात: UAE, जो इस क्षेत्र में स्थिरता चाहता है, पाकिस्तान की इस 'डबल गेम' की नीति से बेहद नाराज है।

सख्त संदेश: उधारी वापस मांगकर UAE ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अब पाकिस्तान की रणनीतिक ब्लैकमेलिंग का शिकार नहीं होगा।