ईरान के 'महाविनाश' की तारीख टाल सकते हैं ट्रंप? आज रात 8 बजे तक दी है मोहलत, जानें 'इंफ्रास्ट्रक्चर डे' का पूरा प्लान
India News Live,Digital Desk : दुनिया इस वक्त एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां चंद घंटे यह तय करेंगे कि मध्य पूर्व में महायुद्ध छिड़ेगा या कूटनीति की जीत होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को जो मंगलवार रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक का अल्टीमेटम दिया है, उसकी घड़ी की टिक-टिक अब तेज हो गई है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को नहीं खोला, तो अमेरिका और इजरायल मिलकर एक ही रात में ईरान के सभी पावर प्लांट्स और पुलों को मलबे के ढेर में तब्दील कर देंगे।
क्या है ट्रंप का 'इंफ्रास्ट्रक्चर डे' प्लान?
ट्रंप अपने सलाहकारों के बीच इस संभावित सैन्य अभियान को 'इंफ्रास्ट्रक्चर डे' (Infrastructure Day) कह रहे हैं। पेंटागन के सूत्रों के अनुसार, यदि आदेश मिलता है, तो अमेरिका और इजरायल का एक साझा बमबारी अभियान पूरी तरह तैयार है।
लक्ष्य: ईरान के सभी महत्वपूर्ण बिजली घर, ग्रिड और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पुल।
धमकी: ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा है, "अगर समझौता नहीं हुआ, तो हर पावर प्लांट जल रहा होगा, विस्फोट कर रहा होगा और दोबारा कभी इस्तेमाल न होने लायक हो जाएगा। हम ईरान को 'स्टोन एज' (पाषाण युग) में भेज देंगे।"
क्या टल सकता है हमला? कूटनीति की आखिरी किरण
अमेरिकी न्यूज वेबसाइट एक्सियोस (Axios) के मुताबिक, ट्रंप इस विनाशकारी हमले को टाल भी सकते हैं। इसके पीछे दो मुख्य कारक हैं:
बातचीत की प्रगति: जेडी वेंस और जेरेड कुशनर जैसी ट्रंप की वार्ता टीम का मानना है कि ईरान 'सद्भावना' के साथ बातचीत कर रहा है। यदि ट्रंप को लगता है कि कोई बड़ा समझौता संभव है, तो वे अंतिम क्षणों में हमले रोक सकते हैं।
सहयोगियों का दबाव: एक तरफ सऊदी अरब, यूएई और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू चाहते हैं कि जब तक ईरान बड़ी रियायत न दे, तब तक कोई ढील न दी जाए। वहीं, ट्रंप की टीम के कुछ सदस्य इसे शांति का मौका मान रहे हैं।
ईरानी दूतावास का 'अजीब' तंज: "समय बदल सकते हैं क्या?"
इस तनावपूर्ण माहौल के बीच जिम्बाब्वे में स्थित ईरानी दूतावास ने ट्रंप की धमकी का मजाक उड़ाने की कोशिश की है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर लिखा:
"रात के 8 बजे का समय उतना अच्छा नहीं है। क्या आप इसे बदलकर दोपहर 1 से 2 बजे के बीच या रात 1 से 2 बजे के बीच कर सकते हैं?"
इस पोस्ट को ईरान की 'साहस' या 'मनोवैज्ञानिक युद्ध' के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि जमीनी हालात बेहद खराब हैं।
ईरान में नेतृत्व का संकट: क्या कोमा में हैं मोजतबा?
महाविनाश की इस चेतावनी के बीच ईरान के भीतर से आ रही खबरें तेहरान की चिंता बढ़ा रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई लकवा मारने के बाद कोमा में हैं और कोम (Qom) के एक अस्पताल में भर्ती हैं। ऐसे में सवाल यह है कि अगर ट्रंप की डेडलाइन खत्म होती है, तो ईरान में जवाबी हमला करने या समझौता करने का अंतिम फैसला कौन लेगा?
अगले कुछ घंटों में क्या हो सकता है?
सिचुएशन A: ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और परमाणु समझौते पर नरमी दिखाने का वादा करता है, तो ट्रंप डेडलाइन बढ़ा सकते हैं।
सिचुएशन B: यदि रात 8 बजे तक कोई ठोस प्रगति नहीं होती, तो आधी रात से पहले ईरान के आसमान में 'B-2 स्टील्थ बमवर्षक' अपनी ताकत दिखा सकते हैं।
दुनिया की सांसें थमी हुई हैं, क्योंकि ट्रंप का यह 'इंफ्रास्ट्रक्चर डे' ईरान के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सप्लाई के लिए भी प्रलयंकारी साबित हो सकता है।