कल लखनऊ में बीएसपी पदाधिकारियों की 'महाबैठक', 2027 के लिए बिछेगी चुनावी बिसात

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने अब पूरी तरह से कमर कस ली है। कल यानी 31 मार्च (मंगलवार) को मायावती लखनऊ स्थित पार्टी के प्रदेश मुख्यालय में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक करने जा रही हैं। इस बैठक को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिहाज से 'टर्निंग पॉइंट' माना जा रहा है, जिसमें प्रदेश भर के दिग्गज पदाधिकारी जुटेंगे।

माल एवेन्यू कार्यालय में जुटेगा 'नीला कुनबा'

राजधानी के माल एवेन्यू स्थित बसपा कार्यालय में सुबह 11:00 बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में उत्तर प्रदेश स्टेट कमेटी और सभी जिला कमेटियों के प्रमुख पदाधिकारियों को अनिवार्य रूप से बुलाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, मायावती खुद एक-एक जिले की प्रगति रिपोर्ट देखेंगी और संगठन की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगी।

बैठक के 3 मुख्य एजेंडे: मजबूती, जनाधार और खजाना

मायावती ने इस बैठक के लिए तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिन पर कल विस्तार से मंथन होगा:

संगठनात्मक मजबूती: बूथ स्तर तक कमेटियों के पुनर्गठन और सक्रियता की समीक्षा की जाएगी।

जनाधार का विस्तार: दलित-पिछड़ा गठजोड़ के साथ-साथ सर्वजन को पार्टी से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा होगी।

आर्थिक मजबूती: पार्टी की वित्तीय स्थिति और फंड जुटाने के अभियान की समीक्षा की जाएगी ताकि चुनावी खर्चों के लिए कैडर तैयार रहे।

प्रगति रिपोर्ट के आधार पर तय होगी भविष्य की रणनीति

बसपा प्रमुख इस बैठक में केवल भाषण नहीं देंगी, बल्कि पदाधिकारियों से उनके द्वारा किए गए कार्यों का हिसाब भी मांगेंगी। पिछले कुछ महीनों में संगठन को दिए गए लक्ष्यों की प्रगति रिपोर्ट (Progress Report) ली जाएगी। जिन जिलों में प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है, वहां बड़े बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। इसके अलावा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अलग राज्य और हाईकोर्ट बेंच जैसे मुद्दों को जनता के बीच ले जाने का रोडमैप भी तैयार किया जाएगा।

विरोधियों के 'छलावे' के खिलाफ कैडर को करेंगे तैयार

मायावती ने हाल ही में सपा और भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। कल की बैठक में वे अपने कार्यकर्ताओं को यह मंत्र देंगी कि कैसे दूसरी पार्टियों की 'छलावे वाली राजनीति' का मुकाबला किया जाए। मिशन 2027 के लिए बसपा अब आक्रामक रुख अपनाने वाली है, जिसकी पहली झलक कल की इस रणनीतिक बैठक में देखने को मिल सकती है।