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July 08 2026 05:27 pm

भारी खर्च घटाने के लिए एक्सेल और आउटलुक से हटाए ChatGPT और Claude

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नई दिल्ली: टेक इंडस्ट्री की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा और रणनीतिक उलटफेर कर दिया है। अपने वर्कप्लेस एप्लीकेशन्स को चलाने के लिए अब तक ओपनएआई (OpenAI) के चैटजीपीटी और एंथ्रोपिक (Anthropic) के क्लाउड मॉडल पर निर्भर रहने वाली माइक्रोसॉफ्ट अब इस बाहरी बैसाखी को पूरी तरह छोड़ने की तैयारी में है। वैश्विक वित्तीय मीडिया संस्थान 'ब्लूमबर्ग' की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने पर्दे के पीछे चुपचाप अपने खुद के इन-हाउस MAI मॉडल्स को रोल आउट करना शुरू कर दिया है। यह घरेलू एआई सिस्टम वर्तमान में हर हफ्ते माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल (Excel) और आउटलुक (Outlook) जैसे लाखों यूज़र्स वाले महत्वपूर्ण टूल्स में आने वाली हजारों एआई रिक्वेस्ट को स्वतंत्र रूप से हैंडल कर रहा है।

आखिर बाहरी कंपनियों को बाय-बाय क्यों कह रहा है माइक्रोसॉफ्ट? जानिए पूरा गणित

इस बड़े बदलाव की सबसे मुख्य और बड़ी वजह है— एआई को ऑपरेट करने का भारी-भरकम खर्च और कंट्रोल (नियंत्रण)। आज के समय में एडवांस्ड जेनेरेटिव एआई मॉडल्स को बैकएंड पर लगातार रन करना बेहद खर्चीला सौदा है, क्योंकि इनके लिए भारी मात्रा में हाई-स्पीड कंप्यूटिंग पावर और जीपीयू (GPU) सर्वर्स की आवश्यकता होती है। जैसे-जैसे दुनिया भर के करोड़ों यूज़र्स ऑफिस ऐप्स (Office Apps) में एआई फीचर्स का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं, वैसे-वैसे माइक्रोसॉफ्ट का क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर बिल भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है।

मौजूदा व्यवस्था के तहत, माइक्रोसॉफ्ट को हर एक एआई रिस्पॉन्स जनरेट करने के लिए बाहरी एआई कंपनियों को 'टोकन्स' (Tokens) के आधार पर मोटी रकम का भुगतान करना पड़ता है। लाखों कॉर्पोरेट कस्टमर्स के डेटा को प्रोसेस करने का यह खर्च इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि ओपनएआई के साथ बेहद करीबी और अरबों डॉलर की पार्टनरशिप होने के बावजूद, माइक्रोसॉफ्ट खुद को किसी वित्तीय दायरे में सीमित नहीं रखना चाहता।

एआई की बढ़ती लागत से घटा मुनाफा: इन-हाउस टेक पर मालिकाना हक की होड़

माइक्रोसॉफ्ट के नव-नियुक्त एआई चीफ मुस्तफा सुलेमान (Mustafa Suleyman) ने हाल ही में सार्वजनिक मंचों पर इस बात को स्वीकार किया था कि थर्ड-पार्टी कंपनियों से एआई मॉडल आउटसोर्स करने से कंपनी का प्रॉफिट मार्जिन (मुनाफा) काफी कम हो जाता है। यही कारण है कि माइक्रोसॉफ्ट की कोर तकनीकी टीम अब अपनी पूरी ताकत स्वदेशी और इन-हाउस एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में लगा रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल पैसा बचाने की कवायद नहीं है, बल्कि यह भविष्य की सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी पर अपना पूर्ण मालिकाना हक (Ownership) स्थापित करने और उसे माइक्रोसॉफ्ट के सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर के हिसाब से पूरी तरह कस्टमाइज करने की एक सोची-समझी रणनीति है।

पेश हुआ 'MAI-Thinkin-1': कम कीमत में सुपरफास्ट परफॉर्मेंस का दावा

माइक्रोसॉफ्ट के इस नए घरेलू एआई बेड़े को मुख्य रूप से एफिशिएंसी (कार्यकुशलता) और कम लागत को ध्यान में रखकर ही कोड किया गया है। कंपनी ने अपने हालिया ग्लोबल डेवलपर इवेंट में अपने सबसे एडवांस रीजनिंग मॉडल MAI-Thinkin-1 का लाइव डेमो दिखाया था। इस मॉडल को इस तरह विकसित किया गया है कि यह बेहद कम बिजली और न्यूनतम कंप्यूटिंग टोकन खर्च करके भी चैटजीपीटी की टक्कर का मजबूत परफॉर्मेंस दे सकता है।

कंपनी का दावा है कि उनका नया एआई कोडिंग मॉडल दुनिया के टॉप-लेवल कोडिंग असिस्टेंट्स के मुकाबले आधी से भी कम पावर का इस्तेमाल करता है और नतीजों के मामले में उन्हें पछाड़ देता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण 'GitHub Copilot' है, जो काफी हद तक माइक्रोसॉफ्ट के इसी इंटरनल मॉडल पर शिफ्ट हो चुका है, और कंपनी आने वाले महीनों में इसे विंडोज 11 (Windows 11) के अन्य कोर प्रोडक्ट्स में भी पूरी तरह इंटीग्रेट करने वाली है।

एक्सेल, आउटलुक और टीम्स में दिखेगा व्यापक बदलाव: एआई इंडस्ट्री में आई एफिशिएंसी की बाढ़

फिलहाल, होमग्रोन एआई मॉडल्स पर शिफ्ट होने की यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है, लेकिन इसने भविष्य के लिए माइक्रोसॉफ्ट के इरादे पूरी तरह साफ कर दिए हैं। आने वाले समय में एक्सेल में डेटा एनालिसिस, आउटलुक में ईमेल ऑटोमेशन और माइक्रोसॉफ्ट टीम्स (Microsoft Teams) में लाइव मीटिंग ट्रांसक्रिप्शन व वर्कप्लेस ऑटोमेशन जैसे फीचर्स के लिए पूरी तरह से माइक्रोसॉफ्ट के अपने इन-हाउस एआई का ही इस्तेमाल किया जाएगा।

यह रणनीतिक बदलाव वैश्विक स्तर पर एआई इंडस्ट्री के बदलते मिजाज को भी दर्शाता है। अब टेक जगत का ध्यान केवल बहुत बड़े और भारी डेटासेट वाले मॉडल्स बनाने से हटकर, ज्यादा स्मार्ट, हल्के और कम खर्चीले एआई मॉडल्स तैयार करने पर केंद्रित हो गया है। चीन के 'डीपसीक' (DeepSeek) जैसे नए और बजट-फ्रेंडली एआई प्लेयर्स के बाजार में आने से वैश्विक स्तर पर माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों पर बिना खर्च बढ़ाए अपने टूल्स को ज्यादा किफायती और स्मार्ट बनाने का वास्तविक दबाव बन गया है।