टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर निलंबित, ममता बोलीं—मुर्शिदाबाद दंगों की राजनीति को कभी मंज़ूर नहीं करेगा
India News Live,Digital Desk : तृणमूल कांग्रेस द्वारा विधायक हुमायूं कबीर को निलंबित किए जाने के कुछ ही घंटे बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद से साफ संदेश दिया कि यह जिला कभी भी दंगों और सांप्रदायिक राजनीति की राह पर नहीं चलेगा।
बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मुर्शिदाबाद जिले में मस्जिद निर्माण की घोषणा करने के बाद उठे विवाद के चलते भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर को पार्टी ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। टीएमसी ने इसे सांप्रदायिक माहौल को भड़काने वाली कार्रवाई बताया।
ममता बनर्जी का कड़ा संदेश
विधायक का नाम लिए बिना ममता बनर्जी ने रैली में कहा कि तृणमूल कांग्रेस की पहचान हमेशा से समावेशिता रही है और पार्टी किसी भी रूप में सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा नहीं देती। उन्होंने कहा कि मुर्शिदाबाद की विरासत विविधता और सद्भाव पर आधारित है और इसे किसी भी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “मुर्शिदाबाद का इतिहास हमें जोड़ना सिखाता है। यहां सिराजुद्दौला की याद हर घर में जिंदा है। यह नवाबों की धरती है, जहां सभी धर्मों के पवित्र स्थल मौजूद हैं। यहां के लोग दंगों की राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।”
कबीर की घोषणा से बढ़ा तनाव
हुमायूं कबीर ने छह दिसंबर को प्रस्तावित एक मस्जिद के “शिलान्यास” की बात कही थी, जिससे जिले में सांप्रदायिक तनाव की आशंका बढ़ गई। इसी के बाद पार्टी आलाकमान ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें टीएमसी से निलंबित कर दिया।
कोलकाता में बुलाई गई अचानक प्रेसवार्ता में मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हाकिम ने कहा कि कबीर अब पार्टी का हिस्सा नहीं हैं। उन्होंने दोहराया कि तृणमूल कांग्रेस में धर्म के नाम पर समाज को बांटने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
इस प्रेसवार्ता में मुर्शिदाबाद के नेता अखरुज्जमां और नियामत शेख भी मौजूद थे।
“सद्भाव की विरासत की रक्षा करेंगे”
रैली में ममता बनर्जी ने कहा कि मुर्शिदाबाद हमेशा से एकता की मिसाल रहा है। उन्होंने कहा, “यह वही धरती है जो सिखाती है कि विश्वासघात विनाश लाता है और सद्भाव शक्ति देता है। हम इस सद्भाव को हर हाल में बचाए रखेंगे।”