वंदे भारत पर पत्थरबाजी करने वालों की अब खैर नहीं: स्टेशनों पर लगेगी आरोपियों की फोटो और सजा का ब्यौरा, 'हैरान' करने वाली वजहें आईं सामने

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India News Live,Digital Desk : देश की प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को निशाना बनाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ रेलवे अब 'नेम एंड शेम' (Name and Shame) की नीति अपनाने जा रहा है। बार-बार समझाइश और सख्त कानून के बावजूद पत्थरबाजी की घटनाओं में कमी न आते देख, रेलवे प्रशासन ने अब पकड़े गए आरोपियों की तस्वीरें और उन पर हुई कानूनी कार्रवाई का पूरा ब्यौरा प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने का निर्णय लिया है।

क्यों पत्थर मारते हैं लोग? वजहें जानकर रह जाएंगे दंग

आरपीएफ (RPF) की जांच में पत्थरबाजों ने जो कारण बताए हैं, वे न केवल चौंकाने वाले हैं बल्कि मानसिक दिवालियापन को भी दर्शाते हैं। गोरखपुर क्षेत्र में हुई 5 प्रमुख घटनाओं के पीछे ये 'अजीब' तर्क दिए गए:

'शीशा कैसा दिखेगा': डोमिनगढ़ के पास एक युवक ने सिर्फ यह देखने के लिए पत्थर चलाया कि टक्कर के बाद वंदे भारत का मजबूत शीशा कैसा दिखता है।

बकरी की मौत का बदला: एक आरोपी ने इसलिए पत्थरबाजी की क्योंकि उसकी बकरी ट्रेन की चपेट में आकर कट गई थी।

रास्ता न मिलना: तरंग क्रॉसिंग के पास एक शख्स ने इसलिए पत्थर मार दिया क्योंकि ट्रेन आने की वजह से वह एक तरफ से दूसरी तरफ नहीं जा पा रहा था।

काम का विरोध: एक कुली ने यार्ड में ट्रेनों को लॉक किए जाने के विरोध में अपना गुस्सा ट्रेन पर निकाला।

स्टेशनों पर लगेगी 'अपराधियों की गैलरी'

आरपीएफ इंस्पेक्टर दशरथ प्रसाद के अनुसार, जुलाई 2023 से अब तक गोरखपुर और आसपास के इलाकों में वंदे भारत पर पत्थरबाजी की कुल 5 घटनाएं हुई हैं। राहत की बात यह है कि सभी मामलों में आरोपी दबोचे जा चुके हैं। अब इन सभी की तस्वीरें रेलवे स्टेशनों पर चस्पा की जाएंगी।

उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य समाज में यह संदेश देना है कि रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना एक गंभीर अपराध है और दोषी की पहचान सार्वजनिक की जाएगी।

कानूनी कार्रवाई: फोटो के साथ यह भी लिखा होगा कि आरोपी को कितनी जेल हुई या कितना जुर्माना लगा, ताकि अन्य लोग ऐसी 'मनबढ़' हरकत करने से पहले सौ बार सोचें।

रेलवे की अपील: राष्ट्रीय संपत्ति की रक्षा करें

रेलवे अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वंदे भारत जैसी ट्रेनें देश की प्रगति का प्रतीक हैं। पत्थरबाजी से न केवल सरकारी संपत्ति का नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों की जान को भी खतरा रहता है। रेलवे अब ट्रैक के किनारे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए भी निगरानी बढ़ा रहा है ताकि पत्थरबाजों को मौके पर ही चिन्हित किया जा सके।