BREAKING:
September 26 2026 07:46 pm

सुखविंदर सिंह, केके समेत इन 6 दिग्गज गायकों ने गाए हैं टीवी सीरियल्स के आइकॉनिक टाइटल ट्रैक

Post

भारतीय टेलीविजन के इतिहास में 1990 और 2000 का दशक सुनहरे दौर के रूप में याद किया जाता है। उस दौर में न केवल टीवी धारावाहिकों की कहानियां दिल को छू लेने वाली होती थीं, बल्कि उनके शुरुआती टाइटल ट्रैक (शीर्षक गीत) भी इतने कर्णप्रिय और असरदार हुआ करते थे कि लोग एपिसोड शुरू होने से पहले ही टीवी स्क्रीन के सामने बैठ जाया करते थे। टीवी की दुनिया की एक बड़ी और दिलचस्प सच्चाई यह भी है कि कई ब्लॉकबस्टर धारावाहिकों के यादगार गानों को किसी साधारण गायक ने नहीं, बल्कि बॉलीवुड के चोटी के प्लेबैक सिंगर्स ने अपनी मखमली आवाज से सजाया था। कई बार दर्शक उन गानों को सालों तक गुनगुनाते रहे, लेकिन उन्हें यह भनक तक नहीं लगी कि पर्दे के पीछे सुरों का जादू बिखेरने वाला असल फनकार कौन था। आइए जानते हैं सुखविंदर सिंह और दिवंगत केके समेत उन 6 दिग्गज गायकों के बारे में, जिनकी आवाज ने टीवी धारावाहिकों के टाइटल ट्रैक को कालजयी बना दिया।

1. सुखविंदर सिंह: 'दिया और बाती हम' और 'संजीवनी' में फूंकी जान

'छैंया छैंया' और 'चक दे इंडिया' जैसे जोशीले गानों के लिए ऑस्कर व राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुखविंदर सिंह की बुलंद आवाज किसी परिचय की मोहताज नहीं है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि टेलीविजन के सबसे सफल शोज में से एक 'दिया और बाती हम' के टाइटल ट्रैक के पीछे सुखविंदर सिंह की ही दमदार आवाज थी। इसके अलावा, मेडिकल ड्रामा पर आधारित चर्चित सीरियल 'संजीवनी' और स्टार प्लस के पौराणिक शो 'महाभारत' के कई अहम श्लोकों व गीतों को भी सुखविंदर ने अपनी ऊर्जावान गायकी से अमर बना दिया।

2. केके (कृष्णकुमार कुन्नथ): 'जस्ट मोहब्बत' और 'शाका लाका बूम बूम' का नॉस्टैल्जिया

अपनी रूहानी और जादुई आवाज से हर दिल को छू लेने वाले दिवंगत गायक केके (KK) ने बॉलीवुड फिल्मों के अलावा टीवी सीरियल्स के टाइटल गानों में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। 90 के दशक के युवाओं के सबसे चहेते शो 'जस्ट मोहब्बत' (Just Mohabbat) का सिग्नेचर टाइटल सॉन्ग केके ने ही गाया था। इसके साथ ही बच्चों के पसंदीदा फैंटेसी शो 'शाका लाका बूम बूम', रोमांटिक ड्रामा 'काव्यांजलि' और एकता कपूर के लोकप्रिय शो 'कुटुंब' के गानों में भी केके के सुरों की मिठास आज भी 90s के बच्चों को पुरानी यादों में ले जाती है।

3. सोनू निगम: 'दिल मिल गए' और 'कुमकुम' के सुरमई अहसास

सुरों के सरताज सोनू निगम ने हिंदी सिनेमा को सैकड़ों सदाबहार नगमे दिए हैं, लेकिन टीवी पर उनके गाए टाइटल ट्रैक भी किसी मास्टरपीस से कम नहीं रहे। युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय रहे मेडिकल लव-स्टोरी सीरियल 'दिल मिल गए' (Dill Mill Gayye) का रूह को सुकून देने वाला टाइटल ट्रैक सोनू निगम की ही जादुई आवाज में रिकॉर्ड हुआ था। इसके अतिरिक्त स्टार प्लस के सुपरहिट फैमिली शो 'कुमकुम: एक प्यारा सा बंधन' के शीर्षक गीत को भी सोनू निगम ने अपनी आवाज देकर हर घर में लोकप्रिय बना दिया था।

4. सुनिधि चौहान: 'बनूं मैं तेरी दुल्हन' और 'साराभाई वर्सेज साराभाई'

अपनी वर्सेटाइल और बोल्ड आवाज के लिए मशहूर सुनिधि चौहान ने भी छोटे पर्दे के कई शीर्ष धारावाहिकों के लिए अपनी आवाज दी है। जी टीवी के ब्लॉकबस्टर शो 'बनूं मैं तेरी दुल्हन' का भावुक और गहरा टाइटल ट्रैक सुनिधि ने बेहद संजीदगी से गाया था। इसके अलावा कल्ट कॉमेडी शो 'साराभाई वर्सेज साराभाई' का तेज-तर्रार और मजेदार टाइटल ट्रैक भी सुनिधि चौहान के ही सुरों से सजा था, जो शो के मिजाज को बिल्कुल सटीक तरीके से पेश करता था।

5. उदित नारायण: 'यह रिश्ता क्या कहलाता है' और 'बालिका वधू' के पारंपरिक सुर

अपनी मीठी और खनकदार आवाज के लिए पहचाने जाने वाले उदित नारायण ने टीवी की दुनिया में पारिवारिक और पारंपरिक भावनाओं को नई ऊंचाई दी। टेलीविजन इतिहास के सबसे लंबे चलने वाले शोज में शुमार 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' के शुरुआती दौर का टाइटल ट्रैक उदित नारायण की ही आवाज में गूंजता था। इसके अलावा कलर्स के चर्चित धारावाहिक 'बालिका वधू' के राजस्थानी लोक-फ्लेवर वाले टाइटल ट्रैक 'छोटी सी उम्र में' में भी उदित नारायण के सुरों का अनोखा जादू महसूस किया जा सकता है।

6. कुमार सानू: 'ये उन दिनों की बात है' में 90 के दशक का जादू

90 के दशक के मेलॉडी किंग कुमार सानू की आवाज का जादू सोनी टीवी के रेट्रो लव-स्टोरी शो 'ये उन दिनों की बात है' में देखने को मिला। 1990 के दशक के स्कूल-कॉलेज रोमांस पर आधारित इस सीरियल के लिए मेकर्स की पहली पसंद कुमार सानू ही थे। जब सानू दा ने साधना सरगम के साथ मिलकर इसका टाइटल ट्रैक गाया, तो दर्शकों को लगा मानो वे सचमुच 90 के सुनहरे दौर में वापस लौट आए हों। टीवी के इन टाइटल गानों ने यह साबित कर दिया कि जब बॉलीवुड के दिग्गज सुर छोटे पर्दे से जुड़ते हैं, तो वह संगीत पीढ़ियों के दिलों में हमेशा के लिए अमर हो जाता है।