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November 06 2026 12:20 pm

NSE IPO का इंतजार खत्म: 2 हफ्ते में सेबी से DRHP को मंजूरी संभव, सितंबर में लॉन्चिंग की तैयारी; बनेगा देश का सबसे बड़ा पब्लिक इश्यू

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भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े और बहुप्रतीक्षित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE IPO) को लेकर निवेशकों का करीब एक दशक लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। बाजार नियामक सेबी (SEBI) से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद अब ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को अगले दो हफ्तों के भीतर अंतिम मंजूरी मिलने की पूरी संभावना है। रिपोर्टों के अनुसार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का यह ऐतिहासिक आईपीओ अगले महीने यानी सितंबर के दूसरे पखवाड़े (Second Half of September) में प्राथमिक बाजार में दस्तक दे सकता है। यदि यह इश्यू तय योजना के अनुसार बाजार में आता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया के ₹27,870 करोड़ के पिछले रिकॉर्ड को तोड़कर भारतीय शेयर बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बन जाएगा।

सेबी की मंजूरी और टाइमलाइन: 2 हफ्ते में फाइनल ऑब्जर्वेशन की उम्मीद

फिक्की (FICCI) के कैपिटल मार्केट्स सम्मेलन में एनएसई के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) आशीषकुमार चौहान ने सेबी की ओर से लिस्टिंग प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए मिले सहयोग की पुष्टि की थी। एनएसई ने अपने आईपीओ के लिए 17 जून को सेबी और बीएसई (BSE) के पास ड्राफ्ट पेपर (DRHP) दाखिल किए थे।

सूत्रों के हवाले से आ रही खबरों के मुताबिक, सेबी की ओर से ड्राफ्ट पेपर की समीक्षा लगभग अंतिम चरण में है और अगले दो हफ्तों के भीतर नियामक से अंतिम मंजूरी (Final Observation) मिल जाएगी। इसके बाद सितंबर के पहले हफ्ते में प्राइस बैंड की आधिकारिक घोषणा की जा सकती है और मध्य से अंतिम सितंबर के बीच आईपीओ को सब्सक्रिप्शन के लिए खोल दिया जाएगा।

₹30,000 करोड़ से बड़ा इश्यू: ₹5.26 लाख करोड़ का वैल्यूएशन टारगेट

वित्तीय गलियारों और मर्चेंट बैंकर्स के अनुमान के अनुसार, एनएसई के इस मेगा आईपीओ का कुल साइज ₹30,000 करोड़ से ₹35,000 करोड़ के बीच हो सकता है।

वैल्यूएशन: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज इस पब्लिक इश्यू के जरिए लगभग ₹5.20 लाख करोड़ से ₹5.30 लाख करोड़ ($55 बिलियन) का मार्केट वैल्यूएशन हासिल करने का लक्ष्य बना रहा है।

संभावित प्राइस बैंड: बाजार जानकारों के अनुसार, आईपीओ का प्राइस बैंड ₹2,100 से ₹2,300 प्रति शेयर के दायरे में तय किया जा सकता है।

पूरी तरह ओएफएस (OFS): यह पूरा पब्लिक इश्यू 'ऑफर फॉर सेल' (Offer for Sale) होगा, जिसके तहत मौजूदा शेयरधारक लगभग 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर (कुल पेड-अप कैपिटल का लगभग 6%) बेचेंगे। चूंकि यह ओएफएस है, इसलिए आईपीओ से मिलने वाली पूरी राशि शेयर बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगी, एक्सचेंज को कोई फंड नहीं मिलेगा।

कौन से बड़े शेयरधारक बेच रहे हैं अपनी हिस्सेदारी?

एनएसई के ड्राफ्ट पेपर्स के मुताबिक, लगभग 10 बड़े संस्थागत शेयरधारक (Institutional Shareholders) इस आईपीओ के जरिए अपनी आंशिक हिस्सेदारी बेचकर मुनाफावसूली करेंगे।

प्रमुख बिकवाली करने वाले शेयरधारकों में शामिल हैं:

भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड (CPPIB)

बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda)

द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी

यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी

दिलचस्प बात यह है कि देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC), जो एनएसई में बड़ी हिस्सेदारी रखती है, इस प्रस्तावित आईपीओ में अपनी कोई भी हिस्सेदारी नहीं बेच रही है।

ग्लोबल रोडशो में जबरदस्त उत्साह: 120 से ज्यादा वैश्विक निवेशक शामिल

प्रस्तावित लिस्टिंग की तैयारियों के तहत एनएसई की लीडरशिप टीम ने दुनिया भर के प्रमुख वित्तीय केंद्रों में रोडशो आयोजित किए हैं। बोस्टन, न्यूयॉर्क, सैन फ्रांसिस्को, लंदन, सिंगापुर और हॉन्गकॉन्ग में आयोजित बैठकों में ब्लैक-रॉक (BlackRock), कैपिटल ग्रुप (Capital Group), जीक्यूजी पार्टनर्स (GQG Partners), जेनस हेंडरसन और ऑलस्प्रिंग ग्लोबल जैसे 120 से अधिक दिग्गज वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने भारी दिलचस्पी दिखाई है।

इस ऐतिहासिक इश्यू को संभालने के लिए एनएसई ने 20 प्रमुख इन्वेस्टमेंट बैंकों का एक मजबूत सिंडिकेट नियुक्त किया है, जिसमें कोटक महिंद्रा कैपिटल, जेएम फाइनेंशियल, मॉर्गन स्टेनली, एचएसबीसी और सिटीग्रुप जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

BSE पर होगी लिस्टिंग: अनलिस्टेड मार्केट में प्रीमियम पर शेयर

भारतीय शेयर बाजार के विनियामक नियमों (SEBI Regulations) के अनुसार, कोई भी स्टॉक एक्सचेंज अपने खुद के प्लेटफॉर्म पर लिस्ट नहीं हो सकता। इसलिए नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के शेयरों की लिस्टिंग प्रतिद्वंद्वी एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के प्लेटफॉर्म पर की जाएगी।

आईपीओ की सुगबुगाहट तेज होते ही अनलिस्टेड और ग्रे मार्केट में भी एनएसई के शेयरों की मांग में भारी तेजी देखी जा रही है। पिछले कुछ वर्षों में सह-स्थान (Co-location) मामले के निपटारे और वित्तीय नतीजों में रिकॉर्ड मुनाफे के बाद एनएसई की बैलेंस शीट बेहद मजबूत स्थिति में है।

निवेशकों के लिए ऐतिहासिक मौका: भारतीय कैपिटल मार्केट का नया अध्याय

ट्रेडिंग वॉल्यूम और डेरिवेटिव्स सेगमेंट में दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंजों में शुमार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की लिस्टिंग भारतीय पूंजी बाजार के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर होगी। यह खुदरा और संस्थागत दोनों श्रेणियों के निवेशकों को सीधे देश के सबसे बड़े वित्तीय बुनियादी ढांचे (Financial Infrastructure) का हिस्सेदार बनने का मौका देगी। सेबी से हरी झंडी मिलने के साथ ही अब सभी की निगाहें आरएचपी (RHP) फाइलिंग और आधिकारिक बोली की तारीखों पर टिकी हैं।