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November 06 2026 05:30 pm

चांदी की कीमतों में 2 दिन में ₹7,300 की भारी गिरावट: सर्राफा बाजार में धड़ाम हुए दाम, खरीदारी से पहले चेक करें दिल्ली, यूपी, बिहार और मुंबई का ताजा भाव

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त्योहारी सीजन और आगामी शादियों की खरीदारी से पहले कीमती धातुओं के बाजार से आम खरीदारों और निवेशकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर बने रहने के बाद सर्राफा बाजार में चांदी की चमक अचानक फीकी पड़ती नजर आ रही है। भारतीय घरेलू बाजार और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर पिछले दो दिनों के भीतर चांदी की कीमतों में ₹7,300 प्रति किलोग्राम तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। दो दिन पहले तक ₹2.37 लाख के पार कारोबार कर रही चांदी अब लुढ़ककर ₹2.30 लाख प्रति किलोग्राम के दायरे में आ गई है। इस तेज गिरावट ने जहां आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के चेहरे पर खुशी ला दी है, वहीं कमोडिटी मार्केट में शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स मुनाफावसूली में जुटे नजर आ रहे हैं।

2 दिन में ₹7,300 तक टूटे दाम: बुधवार को भी जारी रही नरमी

कारोबारी हफ्ते के दौरान सर्राफा बाजार में चांदी पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया। मंगलवार को बाजार बंद होने तक चांदी के भाव में करीब ₹5,222 की बड़ी गिरावट आई थी। इसके बाद बुधवार को भी गिरावट का सिलसिला थमा नहीं और चांदी ₹2,119 प्रति किलोग्राम और सस्ती हो गई।

इन दोनों दिनों की संयुक्त गिरावट को जोड़ें तो चांदी कुल ₹7,341 (लगभग ₹7,300) प्रति किलो टूट चुकी है। इस गिरावट के बाद राष्ट्रीय स्तर पर एक किलोग्राम चांदी का औसत भाव ₹2,30,459 के स्तर पर आ गया है। रिटेल मार्केट में 10 ग्राम चांदी का भाव ₹2,300 और 100 ग्राम चांदी का भाव घटकर ₹23,000 के आसपास पहुंच चुका है।

प्रमुख शहरों में क्या हैं चांदी के ताजा रेट? (City-Wise Silver Rate)

देश के अलग-अलग राज्यों और महानगरों में स्थानीय टैक्स, वैट (VAT) और परिवहन लागत (Transportation Charges) के चलते चांदी के भाव में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। 19 अगस्त को प्रमुख शहरों में चांदी के ताजा भाव इस प्रकार रहे:

दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के सर्राफा बाजार में 1 किलोग्राम चांदी का भाव ₹2,119 गिरकर ₹2,30,450 प्रति किलोग्राम पर आ गया है।

उत्तर प्रदेश (लखनऊ): यूपी की राजधानी लखनऊ और आसपास के बाजारों में चांदी की कीमतों में ₹1,812 की नरमी आई और भाव ₹2,32,626 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

बिहार (पटना): पटना के बुलियन मार्केट में चांदी ₹1,916 सस्ती होकर ₹2,30,500 प्रति किलोग्राम के स्तर पर ट्रेड कर रही है।

राजस्थान (जयपुर): आभूषण निर्माण के बड़े केंद्र जयपुर में चांदी ₹1,917 गिरकर ₹2,30,892 प्रति किलोग्राम पर खुली।

महाराष्ट्र (मुंबई): वित्तीय राजधानी मुंबई में भी चांदी के भाव में ₹1,917 की गिरावट दर्ज हुई और यह ₹2,30,892 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

पश्चिम बंगाल (कोलकाता) व दक्षिण भारत: कोलकाता और चेन्नई के बाजारों में भी चांदी क्रमशः ₹2.30 लाख और ₹2.33 लाख प्रति किलो के दायरे में कारोबार करती दिखी।

चांदी में अचानक क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट? जानिए 4 बड़े कारण

कमोडिटी एक्सपर्ट्स और बाजार विश्लेषकों के अनुसार, चांदी की कीमतों में आई इस तेज गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय और घरेलू स्तर पर कई आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं:

ऊंचे स्तरों पर भारी मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले हफ्तों में चांदी ने कई नए रिकॉर्ड बनाए थे। जब किसी कमोडिटी में एकतरफा बड़ी तेजी आती है, तो बड़े संस्थागत निवेशक और हेज फंड्स अपने मुनाफे को सुरक्षित करने के लिए भारी बिकवाली (Sell-off) शुरू कर देते हैं। इसी बिकवाली के दबाव में कीमतें तेजी से नीचे फिसली हैं।

ग्लोबल तनाव में नरमी और सेफ-हेवन डिमांड का घटना: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक वार्ताओं और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव को लेकर बन रही कुछ सकारात्मक खबरों के चलते निवेशकों का रुझान 'सेफ-हेवन एसेट्स' (सोना और चांदी) से थोड़ा कम हुआ है।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती और फेड मिनट्स का दबाव: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों के आगामी रुख को लेकर जारी होने वाले पॉलिसी मिनट्स से पहले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती दर्ज की गई है। डॉलर मजबूत होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में विदेशी मुद्राओं में चांदी खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित होती है।

औद्योगिक मांग (Industrial Demand) में अस्थायी ठहराव: चांदी केवल एक निवेश विकल्प या आभूषण धातु नहीं है, बल्कि इसका 50% से अधिक उपयोग सोलर पैनल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योगों में होता है। वैश्विक विनिर्माण (Manufacturing) आंकड़ों में आई सुस्ती के चलते औद्योगिक खरीदारों ने अपनी नई खरीद को फिलहाल रोक दिया है।

खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या है जानकारों की सलाह?

सर्राफा विशेषज्ञों का मानना है कि जो लोग रक्षाबंधन, जन्माष्टमी या आगामी शादियों के लिए चांदी के बर्तन, सिक्के या आभूषण खरीदने का विचार कर रहे हैं, उनके लिए यह गिरावट एक बेहतरीन खरीदारी का अवसर (Buying on Dips) प्रदान करती है। हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों को एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय किस्तों में या डिजिटल सिल्वर/सिल्वर ईटीएफ (Silver ETF) के माध्यम से निवेश की सलाह दी जा रही है।

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक, शॉर्ट टर्म में चांदी में थोड़ा और उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है, लेकिन साल के अंत तक औद्योगिक मांग में सुधार और त्योहारों की घरेलू खपत के चलते चांदी का दीर्घकालिक आउटलुक अब भी मजबूत बना हुआ है। खरीदारी करते समय हमेशा हॉलमार्क और शुद्धता (999 Purity) की जांच जरूर करें।