June 18 2026 03:00 am

गंगा का रौद्र रूप: बढ़ते जलस्तर ने डुबो दिए घाट, आरती स्थल बदले, प्रशासन सतर्क

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India News Live,Digital Desk : गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है और अब यह खतरे की ओर बढ़ने लगा है। बुधवार रात 10 बजे से गुरुवार रात 10 बजे तक गंगा में ढाई मीटर से भी अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इस तेजी से बढ़ते पानी के कारण बनारस के लगभग सभी घाट जलमग्न हो चुके हैं। गंगा आरती के स्थान को लगातार तीसरे दिन बदलना पड़ा, वहीं तीर्थ पुरोहितों को भी अपनी चौकियों को ऊंचाई की ओर खिसकाना पड़ा।

गुरुवार रात 10 बजे तक गंगा का बहाव 65.52 मीटर तक पहुंच गया था, जो चेतावनी बिंदु से अभी 4.74 मीटर नीचे है, लेकिन बढ़ती रफ्तार ने चिंता बढ़ा दी है। वरुणा नदी में भी पलट प्रवाह की आशंका गहराने लगी है जिससे तटीय इलाकों के लोगों में बेचैनी फैल गई है।

बारिश से भरे पहाड़, उफनती सहायक नदियां और बैराज से छोड़ा गया पानी—इन तीनों ने मिलकर गंगा के प्रवाह को प्रयागराज से बलिया तक उफान पर ला दिया है। गुरुवार सुबह 8 बजे तक सिर्फ 10 घंटे में गंगा का जलस्तर राजघाट पर 1.06 मीटर बढ़ चुका था। हालांकि दिन चढ़ने के साथ इसमें थोड़ी मंदी आई और वृद्धि की रफ्तार घटकर चार सेंटीमीटर प्रति घंटे रह गई।

दोपहर तक गंगा का पानी घाट की कई सीढ़ियों को पार कर ऊपर तक पहुंच गया, जिससे तीर्थ पुरोहितों को अपनी मढ़ियां और पूजा स्थल पीछे खिसकाने पड़े। गंगा सेवा निधि को भी गंगा आरती स्थल और पीछे ले जाना पड़ा।

गंगा का प्रकोप सिर्फ घाटों तक ही सीमित नहीं रहा। हरिश्चंद्र घाट की गलियों में अब शवदाह किया जा रहा है जबकि मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार में और भी ज्यादा कठिनाई आ रही है। लकड़ी बेचने वालों ने भी अपनी दुकानों को हटाना शुरू कर दिया है।

प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जल पुलिस, एनडीआरएफ की टीम और अन्य अधिकारी हालात पर नजर बनाए हुए हैं। छोटी नावों के संचालन पर पहले ही प्रतिबंध लग चुका है।