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July 15 2026 04:02 pm

30 जुलाई से शुरू हो रहा है सावन का पावन महीना, जानें इस बार कितने सोमवार और क्या हैं महासंयोग

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नई दिल्ली। भगवान भोलेनाथ का सबसे प्रिय और पवित्र महीना सावन (श्रावण) जल्द ही शुरू होने वाला है। इस साल सावन मास की शुरुआत बेहद खास होने जा रही है क्योंकि इस बार कई दुर्लभ और शुभ संयोग एक साथ बन रहे हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, हालांकि 29 जुलाई की देर शाम से ही प्रतिपदा तिथि लग जाएगी, लेकिन उदयातिथि की धार्मिक मान्यता के आधार पर सावन का शुभारंभ 30 जुलाई 2026 से माना जाएगा। इस बार सावन महीने की शुरुआत श्रवण नक्षत्र, आयुष्मान योग और सौभाग्य योग के त्रिवेणी महासंयोग में हो रही है, जो भक्तों के लिए बेहद फलदायी सिद्ध होगी।

इस बार सावन में पड़ेंगे 4 सोमवार, यहां देखें पूरी डेट शीट

श्रावण मास में सोमवार के व्रत का अत्यधिक महत्व होता है। मान्यता है कि सावन सोमवार का व्रत रखने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है और सुहागिनों को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। साल 2026 के सावन में कुल 4 सोमवार व्रत रखे जाएंगे, जिनकी तिथियां इस प्रकार हैं:

पहला सावन सोमवार व्रत: 3 अगस्त 2026

दूसरा सावन सोमवार व्रत: 10 अगस्त 2026

तीसरा सावन सोमवार व्रत: 17 अगस्त 2026

चौथा और आखिरी सावन सोमवार व्रत: 24 अगस्त 2026

सावन 2026 के मुख्य त्योहार और व्रत तिथियां

इस साल सावन के महीने में शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक कई बड़े और महत्वपूर्ण त्योहार मनाए जाएंगे। श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख तिथियों की सूची नीचे दी गई है:

त्योहार और पर्वनिर्धारित तिथि (2026)धार्मिक महत्व
सावन शिवरात्रि11 अगस्तमहादेव के मुख्य जलाभिषेक और रात्रि जागरण का महापर्व
हरियाली अमावस्या12 अगस्तप्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने और पितृ पूजन का विशेष दिन
हरियाली तीज15 अगस्तसुहागिन महिलाओं द्वारा अखंड सौभाग्य के लिए रखा जाने वाला व्रत
रक्षाबंधन28 अगस्तश्रावण पूर्णिमा के साथ भाई-बहन के प्रेम का उत्सव और सावन की समाप्ति

इन विशेष उपायों से करें भगवान शिव को प्रसन्न

अगर आप जीवन में सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते हैं, तो सावन के महीने में ब्रह्म मुहूर्त (सुबह के समय) या फिर प्रदोष काल (सूर्यास्त के समय) में शिव आराधना करना सबसे सर्वोत्तम माना जाता है। इस दौरान महादेव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर गंगाजल, शुद्ध जल और गाय का कच्चा दूध अर्पित करें। इसके साथ ही शिवजी की प्रिय वस्तुएं जैसे बेलपत्र, धतूरा, भांग, अक्षत (बिना टूटे चावल) और सफेद पुष्प जरूर चढ़ाएं। यदि संभव हो तो सावन के दिनों में रुद्राभिषेक करवाएं और 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का नियमित जाप करें। विधि-विधान से की गई यह पूजा आपकी सभी सोई हुई किस्मत को जगा देगी।