The 'game' of number eight is not easy नवजोत सिद्धू ने मांगी 'धमाकेदार' बल्लेबाजी और खास हुनर

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India News Live,Digital Desk : क्रिकेट कमेंट्री के वो 'शहंशाह' नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर अपने बेबाक और ठेठ अंदाज़ में बोल रहे हैं। अब उन्होंने टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में आठवें नंबर की बैटिंग पोजीशन पर एक ऐसी बात कह दी है, जो क्रिकेट गलियारों में नई बहस छेड़ सकती है। सिद्धू का मानना है कि ये नंबर 'किसी भी ऐरे-गैरे नत्थू खैरे' या 'बस टाइमपास' वाले खिलाड़ी का नहीं होना चाहिए, बल्कि यहां तो एक 'स्पेशलिस्ट' की ज़रूरत है।

जी हां, अपने जाने-पहचाने अंदाज में सिद्धू ने सीधे शब्दों में कहा कि आठवें नंबर पर हमें कोई 'बिट्स एंड पीसेज' खिलाड़ी नहीं चाहिए, बल्कि एक ऐसा खिलाड़ी हो जो या तो धमाकेदार बल्लेबाजी करे या दमदार गेंदबाजी। मतलब, दोनों में से एक कला में तो वह महारथी होना ही चाहिए।

सिद्धू ने जोर देते हुए कहा, "जब वो पिच पर आए तो उसके इरादे बिल्कुल साफ हों – या तो मारूंगा या फिर मरूंगा! कोई औसत दर्जे का काम नहीं। आपको आठवें नंबर पर एक लठमार खिलाड़ी चाहिए, जो गेंद को सिर्फ मिड ऑफ पर धकेले नहीं, बल्कि जब मारे तो बॉल हवाई यात्रा करे।" उनका सीधा इशारा आखिरी ओवरों में तेज़ रन बटोरने की क्षमता वाले बल्लेबाज की तरफ था।

सिद्धू ने खुलकर शारदुल ठाकुर और नितीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों का जिक्र किया। इन नामों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी बेशक उपयोगी हैं, लेकिन आठवें नंबर की डिमांड उनसे कुछ खास होने की उम्मीद करती है। सिद्धू चाहते हैं कि इस नंबर पर ऐसा खिलाड़ी आए जो बल्लेबाजी में गेम चेंज कर सके और ज़रूरत पड़ने पर गेंदबाजी में भी विकेट निकालकर दे, या फिर रन रोके। उनका मतलब सिर्फ नाम के ऑलराउंडर से नहीं, बल्कि ऐसे खिलाड़ी से है जो हर विभाग में 'गेम चेंजर' साबित हो।

कुल मिलाकर, सिद्धू का ये बयान टीम मैनेजमेंट को एक साफ इशारा है कि प्लेइंग इलेवन के निचले क्रम को हल्का नहीं लिया जाना चाहिए। आधुनिक क्रिकेट में हर नंबर पर दमदार खिलाड़ी की जरूरत है, खासकर तब जब मैच फंसा हो या रन रेट बढ़ाना हो। आठवां नंबर सिर्फ एक संख्या नहीं, बल्कि एक अहम 'गेम चेंजिंग' पोजीशन है!