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May 19 2026 07:18 pm

ट्रंप की सख्त चेतावनी से बढ़ा तनाव, ईरान पर फिर बमबारी की आहट; जानें क्या है तेहरान का 'प्लान बी'?

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India News Live,Digital Desk : अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा अस्थिर युद्धविराम अब टूटने की कगार पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खाड़ी देशों के अनुरोध पर हमले तो टाल दिए हैं, लेकिन उनके हालिया तेवर कुछ और ही संकेत दे रहे हैं। न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा, "हम तेहरान को कोई रियायत देने के लिए तैयार नहीं हैं। इस्लामी शासन अच्छी तरह जानता है कि आगे क्या होने वाला है।"

क्यों फेल हो रही है शांति की कोशिश?

अमेरिकी मीडिया आउटलेट 'एक्सियोस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की ओर से पेश किया गया नया प्रस्ताव पूरी तरह 'अपर्याप्त' है और इसमें युद्ध समाप्त करने के लिए कोई ठोस सुधार नजर नहीं आता। ट्रंप का दावा है कि ईरान अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की गंभीरता को भांपते हुए समझौते के लिए उत्सुक है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

क्या 'छोटी अवधि' में भड़केगा महायुद्ध?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध दोबारा भड़कता है, तो ईरान इस बार पहले से कहीं अधिक आक्रामक रुख अपना सकता है। ईरानी सुरक्षा विशेषज्ञ हामिदरेजा अजीजी के मुताबिक, ईरान 'छोटी अवधि लेकिन अत्यधिक तीव्रता' वाले संघर्ष की तैयारी कर रहा है।

निशाने पर ऊर्जा बुनियादी ढांचा: अमेरिका ईरान के तेल ठिकानों और 'खार्ग द्वीप' जैसी आर्थिक जीवनरेखाओं को निशाना बना सकता है।

ईरान का पलटवार: इसके जवाब में तेहरान प्रतिदिन सैकड़ों मिसाइलें खाड़ी देशों के तेल क्षेत्रों और रिफाइनरियों पर दाग सकता है।

UAE को धमकी: ईरानी विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि वे खाड़ी देशों, विशेषकर UAE को 'ऊंटों की सवारी के युग' में वापस भेज सकते हैं।

तेहरान के पास मौजूद हैं ये बड़े विकल्प

ईरान केवल मिसाइलों तक सीमित नहीं है, उसके पास वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाने के अन्य रणनीतिक रास्ते भी हैं:

होर्मुज और बाब अल-मंडेब स्ट्रेट: दुनिया की 10% से अधिक तेल आपूर्ति और व्यापार इसी मार्ग से गुजरता है। ईरान इस पर अपना पूर्ण नियंत्रण कसने की कोशिश कर सकता है।

जन-युद्ध (People's War): तेहरान की सड़कों पर आम नागरिकों को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जो किसी भी संभावित जमीनी आक्रमण के खिलाफ एक बड़े 'जन-युद्ध' की तैयारी है।

हूती मिलिशिया: यमन में सक्रिय हूतियों का इस्तेमाल ईरान वैश्विक शिपिंग लाइनों को बाधित करने के लिए कर सकता है।

ईरान की यह आक्रामक रणनीति बताती है कि संघर्ष अब केवल दो देशों के बीच नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। आने वाले कुछ दिन मध्य पूर्व के भविष्य के साथ-साथ वैश्विक ऊर्जा बाजारों के लिए भी निर्णायक साबित हो सकते हैं।