यूपी भाजपा की नई टीम पर सस्पेंस बरकरार! सीएम योगी से मिले पंकज-धर्मपाल, जिलों की कोर कमेटियों का बदला प्रारूप

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 लखनऊ: उत्तर प्रदेश भाजपा (UP BJP) की नई प्रदेश कार्यकारिणी की टीम के गठन को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक लगातार बैठकों और मैराथन मंथन के बाद भी नई टीम की घोषणा का पेच अभी फंसा हुआ है। इसी गतिरोध को दूर करने और अंतिम सूची को हरी झंडी देने के लिए यूपी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने बुधवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके 5 कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर मुलाकात की।

इस हाई-प्रोफाइल बैठक को नई प्रदेश टीम के गठन, जिलों की कोर कमेटियों के पुनर्गठन और आगामी रणनीतियों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठक में आगामी चुनावी तैयारियों के साथ-साथ केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर 5 जून से शुरू हो रहे विशेष अभियानों की रूपरेखा पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

दिल्ली में डेरा डालने के बाद लखनऊ लौटे दिग्गज, बंद कमरे में हुआ मंथन

यूपी भाजपा की नई टीम को लेकर पिछले एक पखवाड़े से भी अधिक समय से खींचतान चल रही है। अंतिम सूची पर अंतिम मुहर लगाने के लिए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह पिछले कई दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हुए थे। वहां उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े सहित कई शीर्ष नेताओं के साथ कई दौर की बैठकें कीं।

दिल्ली से हरी झंडी मिलने के बाद दोनों नेता लखनऊ पहुंचे और सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने गए। कुछ खास बिंदुओं पर जारी गतिरोध को खत्म कर सर्वसम्मत टीम घोषित करने के लिए यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है। इसके साथ ही पार्टी 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) से 21 जून (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस) तक कई बड़े जनसहभागिता कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है, जिसके लिए मंत्रियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

कोर कमेटियों का बढ़ा दायरा, अब निर्वतमान अध्यक्ष और पुराने प्रत्याशी भी होंगे शामिल

सरकार और संगठन के बीच हुए इस महामंथन के बाद जिलों में काम करने वाली पार्टी की कोर कमेटियों के प्रारूप में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। बुधवार को इस संबंध में पूर्व में जारी आदेश को संशोधित करते हुए कोर कमेटी का दायरा काफी बढ़ा दिया गया।

अब तक की व्यवस्था के अनुसार, जिलों के प्रभारी मंत्रियों के साथ होने वाली कोर कमेटी की बैठक में केवल जिलाध्यक्ष और वर्तमान जनप्रतिनिधि ही शामिल होते थे। लेकिन नए संशोधन के बाद अब इन बैठकों में जिलाध्यक्ष के साथ-साथ जिला महामंत्री, प्रदेश और क्षेत्रीय स्तर के पदाधिकारी भी अनिवार्य रूप से बैठेंगे। इसके अलावा, संगठन ने बड़ा दिल दिखाते हुए निर्वतमान जिलाध्यक्षों और साल 2022 के विधानसभा चुनाव व 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी रहे नेताओं को भी इस कोर कमेटी का अहम हिस्सा बना दिया है।

मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में फेरबदल, गांवों में रात्रि विश्राम के निर्देश

आगामी चुनावी चुनौतियों को देखते हुए योगी सरकार और संगठन ने बुधवार को दो बेहद महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। पहला फैसला कोर कमेटी का दायरा बढ़ाने का था, तो दूसरा बड़ा फैसला मंत्रियों के प्रभार वाले जिलों में फेरबदल का है। योगी कैबिनेट में शामिल किए गए नए मंत्रियों को भी अलग-अलग जिलों की कमान सौंपकर उनके प्रभार तय कर दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रभारी मंत्रियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रभार वाले जिलों का नियमित दौरा करें। मंत्रियों को केवल दफ्तरों में बैठने के बजाय ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर 'रात्रि विश्राम' (रात में रुकने) और जनता के साथ सीधा संवाद स्थापित करने को कहा गया है, ताकि सरकार की उपलब्धियों को जमीन तक पहुंचाया जा सके और जनता की समस्याओं का मौके पर ही निपटारा हो सके।