उत्तर प्रदेश के गांवों की तस्वीर बदलेगी: डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के कड़े निर्देश, योजनाओं में तेजी लाने को कहा

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India News Live,Digital Desk : उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं को गति देने के लिए अहम निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गांव और गरीब का सर्वांगीण विकास है, और इसके लिए सभी प्रस्तावित कार्यों को धरातल पर समयबद्ध तरीके से उतारा जाना अनिवार्य है।

गांवों में सुविधाओं का विस्तार: प्राथमिकताएं

डिप्टी सीएम ने ग्रामीण क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं पर विशेष जोर दिया है:

गलियां ही ग्रामीणों का हाईवे: मौर्य ने कहा कि गांवों की गलियां ग्रामीणों के लिए किसी राजमार्ग से कम नहीं हैं, इसलिए उन्हें पूरी तरह व्यवस्थित और दुरुस्त रखा जाना चाहिए।

जल निकासी का पुख्ता प्रबंध: गांवों में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए जल निकासी के ठोस इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आवास योजना: प्रधानमंत्री आवास योजना के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार को जल्द ही पत्र भेजने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है।

'दीदियों' का प्रशिक्षण और महिला सशक्तिकरण

महिला सशक्तिकरण की दिशा में कदम उठाते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि:

स्वयं सहायता समूह की एक लाख महिलाओं (दीदियों) को हर महीने अनिवार्य रूप से ग्राम्य विकास संस्थान में प्रशिक्षित किया जाए।

इसके लिए प्रशिक्षण कैलेंडर का पालन सुनिश्चित करने और इसमें लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

'महिला सामर्थ्य योजना' में तेजी लाने और सभी मंडलों में सरस मेले आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया है।

ग्राम चौपाल और जनसमस्याओं का समाधान

विकास कार्यों में पारदर्शिता और जन-भागीदारी बढ़ाने के लिए नई पहल की जा रही है:

समाधान दिवस की तर्ज पर चौपाल: ग्राम चौपालों को अब और अधिक व्यवस्थित किया जाएगा। इसके लिए एक डेडिकेटेड पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, जहाँ आवेदक अपनी समस्या के निस्तारण की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक कर सकेंगे।

जनप्रतिनिधियों की भूमिका: चौपालों के रोस्टर की जानकारी जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे विकास कार्यों पर निगरानी रख सकें।

अधिकारियों को सख्त हिदायत: डिप्टी सीएम ने निर्देश दिया है कि अधिकारी जनप्रतिनिधियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और खंड विकास अधिकारी (BDO) से संबंधित शासनादेशों का अक्षरश: पालन करें।

कामकाज में कसावट के निर्देश

समीक्षा बैठक में लंबित कार्ययोजनाओं को तुरंत बनाने और मनरेगा के तहत लंबित भुगतानों को बजट के अनुरूप प्राथमिकता पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। निष्क्रिय स्वयं सहायता समूहों को फिर से सक्रिय करने और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत नए समूहों के गठन की प्रक्रिया को तेज करने को भी कहा गया है। बैठक में राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम और प्रमुख सचिव सौरभ बाबू सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।