उत्तर कोरिया में ‘आइसक्रीम’ बोलना भी अपराध, जानें नया नाम
- by Priyanka Tiwari
- 2025-09-18 14:16:00
India News Live,Digital Desk : उत्तर कोरिया से अक्सर ऐसी ख़बरें सामने आती हैं जो बाकी दुनिया को हैरान कर देती हैं। किम जोंग उन को यूँ ही सनकी तानाशाह नहीं कहा जाता। उनका हर आदेश वहां कानून की तरह लागू होता है, चाहे वो कितना भी अजीब क्यों न हो। ताज़ा मामला भाषा से जुड़ा है।
किम जोंग उन ने अब ‘आइसक्रीम’ शब्द पर पाबंदी लगा दी है। उनका मानना है कि ये शब्द विदेशी प्रभाव का नतीजा है। इसलिए अब उत्तर कोरिया के लोग आइसक्रीम को ‘एसेउकिमो’ या ‘एओरेम्बोसुंगी’ कहेंगे।
इसी तरह ‘हैमबर्गर’ शब्द पर भी रोक लगा दी गई है। पूरी दुनिया में मशहूर इस नाम को उत्तर कोरिया में बोलना मना है। इसके बजाय वहां इसे ‘दाजिन-गोगी ग्योपांग’ कहा जाता है, जिसका सीधा मतलब है—डबल ब्रेड में भरा हुआ कीमा बनाया हुआ बीफ़। इतना ही नहीं, कराओके मशीन को भी वहां ‘ऑन-स्क्रीन संगत’ कहा जाता है।
पर्यटन और भाषा पर नियंत्रण
उत्तर कोरिया फिलहाल अपने तटीय शहर वॉनसन को लग्जरी टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनाने की कोशिश में है। इसके लिए 20–30 युवाओं को गाइड के रूप में ट्रेनिंग दी जा रही है। खास बात यह है कि इन गाइडों को साफ निर्देश मिले हैं—विदेशी शब्दों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना है।
कांगवोन प्रांत इस नीति को आगे बढ़ा रहा है। गाइड्स को सिर्फ़ भाषा ही नहीं, बल्कि ड्रेस कोड, आचरण और पार्टी के नारों तक की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह कार्यक्रम सीधे वर्कर्स पार्टी के नियंत्रण में है और इसमें विदेशी भाषा विश्वविद्यालयों के छात्र भी शामिल हैं।
किम जोंग उन की सोच
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि उत्तर कोरियाई पहचान और संस्कृति को मज़बूत किया जा सके। दरअसल, इस अभियान का असली मकसद सिर्फ़ शब्दों को बदलना नहीं, बल्कि समाज और पर्यटकों के बीच बातचीत को नियंत्रित करना है। किम जोंग उन चाहते हैं कि बाहरी प्रभाव सीमित रहे और उनकी विचारधारा पर कोई असर न पड़े।