BREAKING:
October 03 2026 04:08 pm

'अखिलेश बिना सब सूना...' वाले बृजभूषण के बयान पर बोले सपा चीफ 'उनसे संबंध बहुत अच्छे

Post

उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में बयानों का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह द्वारा दिए गए एक बयान पर अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जवाब सामने आया है। बृजभूषण शरण सिंह के उस बयान पर, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'अखिलेश के बिना सब सूना है', अखिलेश यादव ने बेहद सधे और सहज अंदाज में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बृजभूषण शरण सिंह से उनके संबंध बहुत अच्छे हैं।

'अखिलेश बिना सब सूना'— जानिए क्या था बृजभूषण शरण सिंह का बयान

दरअसल, यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति और विपक्षी गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर उठी चर्चाओं से जुड़ा है। दिल्ली में मीडियाकर्मियों ने जब पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से कांग्रेस द्वारा गठबंधन में सीटों की मांग को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने तंज और चुटकी भरे लहजे में कहा कि यूपी में 'अखिलेश के बिना सब सूना है'। उनका कहना था कि सूबे की सियासत में अखिलेश यादव के प्रभाव को दरकिनार करके कोई समीकरण नहीं बन सकता। बृजभूषण के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही सियासी चर्चाएं शुरू हो गईं।

अखिलेश यादव की दो-टूक प्रतिक्रिया: 'हम सब विकास के लिए एकजुट हैं'

जब पत्रकारों ने बृजभूषण शरण सिंह के इस वायरल बयान पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सवाल किया, तो उन्होंने किसी तरह के टकराव के बजाय व्यक्तिगत संबंधों का हवाला दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि उनके बृजभूषण शरण सिंह के साथ रिश्ते बहुत अच्छे हैं। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास और किसानों को खुशहाली के रास्ते पर ले जाने के मकसद के लिए वे सभी एकजुट हैं। इसके साथ ही अखिलेश ने तंज भरे लहजे में यह भी कहा कि अब उन्हें तय करना होगा कि वे 'हरा और लाल गमछा' डाल लें।

दोनों नेताओं के पुराने समीकरण और बयानों के सियासी मायने

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, बृजभूषण शरण सिंह और अखिलेश यादव सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे पर तीखा हमला करने से अक्सर बचते रहे हैं। बृजभूषण शरण सिंह पहले भी कई मौकों पर अखिलेश यादव के नेतृत्व और प्रभाव का जिक्र कर चुके हैं। वहीं, बृजभूषण के बयान पर अखिलेश यादव द्वारा तल्खी न दिखाते हुए अच्छे संबंधों की बात कहे जाने के बाद राजनीतिक गलियारों में कयासबाजी और तेज हो गई है। आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों और गठबंधनों के बीच दोनों नेताओं का यह रुख राज्य की सियासत में खासी चर्चा बटोर रहा है।