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October 02 2026 01:01 am

बृजभूषण पर अखिलेश का चौंकाने वाला बयान, पूर्व IAS दिव्या मित्तल को दिया लाल-हरे गमछे का खुला ऑफर

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में समीकरण कब किस करवट बैठ जाएं, इसका अंदाजा लगाना हमेशा से ही मुश्किल रहा है। बुधवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बयानों ने सूबे के सियासी तापमान को अचानक बढ़ा दिया है। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह को लेकर न केवल अप्रत्याशित नरमी दिखाई, बल्कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) छोड़कर सियासत में कदम रखने वाली पूर्व अधिकारी दिव्या मित्तल को भी अपनी पार्टी में आने का खुला न्योता थमा दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह रुख उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा और क्षेत्रीय चुनावी समीकरणों को नए सिरे से साधने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

बृजभूषण शरण सिंह पर अखिलेश यादव का नरम रुख, बोले- 'हम सब एक हैं'

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह के हालिया बयानों पर सवाल उठाया, तो अखिलेश यादव ने बेहद सहज अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने दोनों के बीच व्यक्तिगत और राजनीतिक सौहार्द का जिक्र करते हुए कहा कि उनके और बृजभूषण के बीच संबंध बेहद आत्मीय और मजबूत हैं। अखिलेश ने जोर देकर कहा कि जब उत्तर प्रदेश के समग्र विकास और जनहित के मुद्दों की बात आती है, तो दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सब एक साथ खड़े होते हैं।

दरअसल, इस बयानबाजी की पृष्ठभूमि कुछ दिन पहले तब तैयार हुई थी, जब विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक में अखिलेश यादव शामिल नहीं हुए थे। उस दौरान बृजभूषण शरण सिंह ने तंज और चुटकी भरे लहजे में टिप्पणी की थी कि अखिलेश यादव के बिना किसी भी गठबंधन का मंच सूना नजर आता है। अब सपा मुखिया द्वारा बृजभूषण के बयान पर गर्मजोशी से प्रतिक्रिया देने के बाद राजनीतिक हलकों में नए कयास लगने शुरू हो गए हैं। पूर्वांचल और अवध के इलाकों में बृजभूषण का अपना एक मजबूत जनाधार माना जाता है, ऐसे में सपा प्रमुख का यह बयान काफी रणनीतिक नजर आ रहा है।

पूर्व IAS दिव्या मित्तल को सपा का खुला न्योता, बोले- 'हरा और लाल गमछा डाल लें'

प्रेस कॉन्फ्रेंस का दूसरा सबसे बड़ा आकर्षण पूर्व चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल के राजनीति में प्रवेश से जुड़ा रहा। जब मीडिया ने उनके सियासी सफर की शुरुआत को लेकर सपा अध्यक्ष से सवाल किया, तो अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए चुटीले अंदाज में कहा, "अब उनको भी तय करना पड़ेगा कि वे हरा और लाल रंग का गमछा डाल लें।"

समाजवादी पार्टी के पारंपरिक झंडे और पहचान में लाल व हरा रंग मुख्य रूप से शामिल है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अखिलेश का यह बयान महज एक चुटकी नहीं, बल्कि दिव्या मित्तल को सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी की मुख्यधारा से जुड़ने का स्पष्ट प्रस्ताव है। नौकरशाही से निकलकर सीधे जनता के बीच पैठ बनाने की कोशिश कर रहे अधिकारियों के लिए सपा हमेशा से एक बड़ा मंच रही है, और अखिलेश के इस आह्वान ने चुनावी चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

13 साल के प्रशासनिक करियर के बाद क्यों राजनीति में उतरीं दिव्या मित्तल?

उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने हाल ही में 30 अगस्त 2026 को राजस्व विभाग के विशेष सचिव पद से इस्तीफा देकर सबको हैरत में डाल दिया था। लगभग 13 साल तक यूपी के विभिन्न जनपदों में अपनी प्रशासनिक कार्यशैली, सख्त फैसलों और जनसुनवाई के अनूठे तरीकों के चलते वे हमेशा सुर्खियों में रहीं। मिर्जापुर और बस्ती जैसे जिलों में डीएम रहते हुए उनकी कार्यशैली की जनता के बीच खूब सराहना हुई थी।

इस्तीफा मंजूर होने के बाद मंगलवार को एक भावुक वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने अपनी राजनीतिक पारी का ऐलान किया। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल सीधे किसी दल का दामन थामने के बजाय स्वतंत्र रूप से जनता के बीच जाकर काम करेंगी और उत्तर प्रदेश ही उनकी कर्मभूमि रहेगा। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि वे पूर्वांचल की किसी प्रमुख सीट से अपनी चुनावी किस्मत आजमा सकती हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि अखिलेश यादव के इस लाल-हरे गमछे वाले निमंत्रण पर दिव्या मित्तल का अगला कदम क्या होता है।