सोने में नरमी और चांदी में तेजी; जानिए कीमतों में इस अंतर की मुख्य वजहें
भारतीय कमोडिटी बाजार (MCX) में बुधवार को सोने और चांदी की चाल में मिलाजुला रुख देखने को मिला। जहां शुरुआती कारोबार में अगस्त वायदा सोना मामूली गिरावट के साथ ₹1,41,331 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, वहीं सितंबर वायदा चांदी की चमक बढ़कर ₹2,16,577 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। कीमती धातुओं के इन दोनों अलग-अलग रुख के पीछे वैश्विक और घरेलू बाजार के कई अहम कारक काम कर रहे हैं:
सोने में गिरावट और चांदी में तेजी के मुख्य कारण
फेडरल रिजर्व का रुख और ब्याज दरें: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक और बयानों से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। बाजार को उम्मीद है कि फेड दरों को स्थिर रख सकता है, लेकिन भविष्य में सख्त नीति की आशंका और मजबूत डॉलर इंडेक्स के कारण सोने जैसी सुरक्षित निवेश वाली धातुओं पर थोड़ा दबाव बना है।
भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल में तेजी: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में 4% से अधिक की तेजी आई है। इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता और औद्योगिक मांग के संतुलन के चलते चांदी में निवेशकों की लिwali (खरीदारी) अधिक सक्रिय रही, जिससे इसके रेट में इजाफा दर्ज किया गया।
डॉलर और बॉन्ड यील्ड का प्रभाव: अमेरिकी 10-साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 4.61% पर पहुंच गई है। ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की संभावनाओं से बुलियन मार्केट प्रभावित हुआ है, जिसका सीधा असर सोने की कीमतों पर देखा जा रहा है।
जानकारों की राय और सपोर्ट-रजिस्टेंस लेवल
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, मौजूदा समय में बाजार ग्लोबल संकेतों और केंद्रीय बैंकों के फैसलों पर टकटकी लगाए बैठा है। घरेलू बाजार में सोने के लिए ₹1,40,800 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट है, जबकि रेजिस्टेंस ₹1,42,200 के आसपास बना हुआ है। वहीं, चांदी के लिए ₹2,14,000 का स्तर अहम सपोर्ट और ₹2,17,700 प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है।