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October 18 2026 06:40 am

पितृ पक्ष में तुलसी की पूजा करने के सरल और असरदार तरीके

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India News Live,Digital Desk : हर साल भाद्रपद पूर्णिमा से पितृ पक्ष की शुरुआत होती है और यह अमावस्या तक चलता है। इस समय को पितरों की पूजा और तर्पण का प्रमुख समय माना जाता है। लेकिन सवाल यह है कि पितृ पक्ष में तुलसी की पूजा करना शुभ है या नहीं।

पितृ पक्ष में तुलसी पूजा का महत्व

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में तुलसी की पूजा से देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से पितर भी संतुष्ट होते हैं और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसलिए यदि आप इस दौरान तुलसी की नियमित पूजा करते हैं और जल चढ़ाते हैं, तो आपके पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है।

कैसे करें तुलसी पूजा

प्रतिदिन तुलसी की पूजा करें।

शाम के समय तुलसी के सामने घी का दीपक जलाएँ और उसकी परिक्रमा करें।

तुलसी के सामने खड़े होकर अपने पितरों का स्मरण करें और उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।

तुलसी के पत्तों को दूध, जल या गंगाजल में भिगोकर पितरों को अर्पित किया जा सकता है।

इस प्रकार की पूजा से पितर प्रसन्न होते हैं और साधक को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

तुलसी मंत्र और जाप

तुलसी पूजा के समय आप तुलसी चालीसा और तुलसी मंत्रों का जाप कर सकते हैं। इससे जीवन में समृद्धि और धन-संपत्ति की समस्याओं से मुक्ति मिलती है।

मुख्य मंत्र:

ॐ सुभद्राय नमः

जल चढ़ाने का मंत्र:
"महाप्रसाद जननी सर्व सौभाग्यवर्धिनी, अधि व्याधि हर नित्य तुलसी त्वं नमोस्तुते"

तुलसी स्तुति मंत्र:
"देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितसि मुनीश्वरै
नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिया..
तुलसी श्रीमहालक्ष्मिर्विद्याविद्या यशस्विनी।
धर्म्या धर्मानां देवि देविदेवं: प्रिया।।
लभते सूत्र भक्तिमन्ते विष्णुपदं लभेत्।
तुलसी भूर्महलक्ष्मिः पद्मिनी श्रीहरप्रिया।"

तुलसी नामाष्टक मंत्र:
"वृन्दा वृन्दावनि विश्वपूजिता विश्वपावनि।
पुष्पसारा नंदनी तुलसी कृष्ण जीवनी।
एत्भामन्ष्टका चैव स्त्रोत नामार्थं संयुतम्।
यः पठेत् तेन च संपूज्य सौश्रमेघ फलनलमेता।"

इस प्रकार पितृ पक्ष में तुलसी पूजा करने से न केवल पितरों की संतुष्टि होती है, बल्कि भक्त की घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि भी आती है।