शुभमन गिल और जसप्रीत बुमराह को हुआ भारी नुकसान, शानदार प्रदर्शन के दम पर देवदत्त पडिक्कल ने लगाई लंबी छलांग
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) द्वारा जारी की गई पुरुषों की ताजा टेस्ट खिलाड़ियों की रैंकिंग में भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कुछ निराशाजनक और कुछ उत्साहजनक तस्वीरें सामने आई हैं। एक तरफ जहां भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान शुभमन गिल और स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को अपनी रैंकिंग में नुकसान उठाना पड़ा है, वहीं दूसरी तरफ युवा और प्रतिभावान बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल ने अपने शानदार प्रदर्शन के दम पर रैंकिंग में लंबी छलांग लगाई है। यह ताजा रैंकिंग श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुई टेस्ट श्रृंखला के बाद सामने आई है, जिसने क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
श्रीलंका दौरे पर खराब फॉर्म का खामियाजा भुगतना पड़ा कप्तान गिल को
भारतीय टीम के युवा कप्तान और स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को आईसीसी की ताजा टेस्ट बल्लेबाजों की सूची में दो स्थानों का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। गिल अब फिसलकर सीधे 9वें पायदान पर पहुंच गए हैं। श्रीलंका के खिलाफ हाल ही में खेले गए दौरे पर गिल का बल्ला उस उम्मीद के मुताबिक नहीं चला जिसके लिए वह जाने जाते हैं। उन्होंने तीन पारियों में केवल एक ही अर्धशतक बनाया, जो उनकी रैंकिंग को बचाने के लिए नाकाफी साबित हुआ। हालांकि, इसके बावजूद गिल अभी भी भारत के दूसरे सबसे ऊंची रैंकिंग वाले बल्लेबाज बने हुए हैं। भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत 7वें स्थान पर अपनी स्थिति मजबूती से बरकरार रखे हुए हैं, जबकि युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल 11वें पायदान पर काबिज हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैंड के स्टाइलिश बल्लेबाज हैरी ब्रूक शीर्ष पायदान पर राज कर रहे हैं, जबकि स्टीव स्मिथ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।
जसप्रीत बुमराह का फिसला स्थान, शीर्ष तीन में हुए शामिल
गेंदबाजी विभाग की बात करें तो भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को भी रैंकिंग में नीचे खिसकना पड़ा है। बुमराह को श्रीलंका दौरे के दौरान घुटने में लगी चोट (इम्पैक्ट इंजरी) के कारण इस श्रृंखला से बाहर रहना पड़ा था, जिसके चलते वह लंबे समय से एक्शन से दूर हैं। मैदान पर न उतर पाने के कारण उन्हें अपने दूसरे स्थान से हाथ धोना पड़ा है और अब वह तीसरे पायदान पर खिसक गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने नंबर-1 स्थान हासिल कर लिया है, जबकि न्यूजीलैंड के घातक गेंदबाज मैट हेनरी दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। बुमराह का यह नीचे खिसकना भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के लिहाज से एक बड़ा झटका माना जा रहा है, हालांकि फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही वह अपनी पूरी फिटनेस हासिल करके मैदान पर वापसी करेंगे और अपनी पुरानी लय पुनः प्राप्त करेंगे।
देवदत्त पडिक्कल की शानदार छलांग, बने भारत के लिए बड़ी उम्मीद
एक तरफ जहां कप्तान और प्रमुख गेंदबाज को नुकसान हुआ है, वहीं युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल के लिए यह रैंकिंग किसी बड़े वरदान से कम नहीं साबित हुई है। पडिक्कल ने श्रीलंका के दौरे पर अपनी बल्लेबाजी का लोहा मनवाते हुए शानदार प्रदर्शन किया और पूरी सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज रहे। उन्होंने दो टेस्ट मैचों की तीन पारियों में कुल 328 रन बनाए, जिसमें दो शानदार और यादगार शतक शामिल थे। गॉल टेस्ट में उनकी 167 रनों की पारी और कोलंबो टेस्ट में खेली गई 11তের (117) रनों की शतकीय पारी ने भारत की जीत और संकट के समय टीम को संभाला था। इसी बेहतरीन प्रदर्शन का इनाम उन्हें आईसीसी रैंकिंग में मिला है, जहां वह पांच पायदान की छलांग लगाते हुए सीधे 54वें स्थान पर पहुंच गए हैं। उनके इस शानदार कमबैक ने भारतीय टेस्ट टीम के मिडिल ऑर्डर को और अधिक मजबूती प्रदान की है।
श्रीलंका के सोनल दिनुषा और अन्य खिलाड़ियों का जलवा
इस ताजा रैंकिंग में केवल भारतीय खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अन्य देशों के खिलाड़ियों ने भी बड़े उलटफेर किए हैं। श्रीलंका के युवा खिलाड़ी सोनल दिनुषा, जिन्होंने भारत के खिलाफ कोलंबो टेस्ट मैच में अपनी जुझारू पारियों से भारतीय गेंदबाजों की नाक में दम कर दिया था और दोनों पारियों में बेहतरीन शतक जड़े थे, उन्होंने रैंकिंग में सबसे बड़ी छलांग लगाई है। दिनुषा सीधे 29 स्थानों की लंबी छलांग लगाकर 25वें पायदान पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने पाकिस्तान के खिलाफ लॉर्ड्स टेस्ट में शानदार गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट झटके, जिसके दम पर उन्होंने सीधे टॉप-5 में अपनी वापसी दर्ज कर ली है। इन तमाम बदलावों से यह साफ हो जाता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी हो चुकी है और हर खिलाड़ी को खुद को साबित करने के लिए निरंतरता बनाए रखनी होगी। भारतीय टीम प्रबंधन और खुद खिलाड़ियों के लिए यह समय आगामी चुनौतियों से पहले अपनी रणनीतियों को दुरुस्त करने का है।