SBI vs Post Office: 5 साल की FD पर कहाँ होगी पैसों की बारिश? जानें कौन दे रहा है सबसे ज्यादा ब्याज

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India News Live,Digital Desk : अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित निवेश करने और उस पर बेहतर रिटर्न पाने के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से भारतीयों की पहली पसंद रहा है। पिछले साल भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 1.25% की कटौती किए जाने के बाद देश के कई बड़े बैंकों ने अपनी ब्याज दरों में कमी की है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस कटौती के बावजूद डाकघर (Post Office) ने अपनी दरों को स्थिर रखा है? अगर आप 5 साल के लिए निवेश का मन बना रहे हैं, तो भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और पोस्ट ऑफिस के बीच का यह अंतर आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI): भरोसे के साथ फ्लेक्सिबिलिटी

देश का सबसे बड़ा बैंक होने के नाते SBI सुरक्षा की गारंटी तो देता है, लेकिन वर्तमान में इसकी ब्याज दरें डाकघर के मुकाबले कुछ कम नजर आ रही हैं। 5 साल की सावधि जमा (FD) पर SBI की दरें इस प्रकार हैं:

आम नागरिक: 6.05% प्रति वर्ष।

वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens): 7.05% प्रति वर्ष।

अति वरिष्ठ नागरिक (Super Senior Citizens): 7.15% प्रति वर्ष।

डाकघर (Post Office): रिटर्न के मामले में 'सुपरहिट'

डाकघर में सावधि जमा को 'टाइम डिपॉजिट' (TD) कहा जाता है। खास बात यह है कि डाकघर सभी आयु वर्ग के लोगों को एक समान और आकर्षक ब्याज दर प्रदान करता है।

ब्याज दर: 7.5% प्रति वर्ष (सभी के लिए)।

फायदा: डाकघर की यह दर SBI के सामान्य नागरिकों की तुलना में 1.45% अधिक है। वरिष्ठ नागरिकों को भी यहाँ बैंक के मुकाबले 0.45% ज्यादा ब्याज मिल रहा है।

तुलनात्मक चार्ट: एक नज़र में समझें अंतर

निवेशक श्रेणीSBI (5 साल FD)पोस्ट ऑफिस (5 साल TD)अंतर (फायदा)
आम नागरिक6.05%7.50%+ 1.45%
वरिष्ठ नागरिक7.05%7.50%+ 0.45%
अति वरिष्ठ नागरिक7.15%7.50%+ 0.35%

31 मार्च 2026 तक सुनहरा मौका

विशेषज्ञों के अनुसार, भले ही भविष्य में डाकघर की दरें कम हों, लेकिन जो ग्राहक 31 मार्च 2026 तक अपना खाता खुलवा लेंगे, उन्हें पूरी अवधि के लिए इसी उच्च दर (7.5%) का लाभ मिलता रहेगा। रेपो रेट में कटौती का असर बैंकों पर तुरंत पड़ता है, इसलिए आने वाले समय में बैंक की दरें और भी कम हो सकती हैं।