Share Market Bloodbath: शेयर बाजार में हाहाकार, सेंसेक्स 961 अंक टूटकर 81300 के नीचे फिसला; निफ्टी में भी भारी गिरावट

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India News Live,Digital Desk : सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक बाजारों से मिले खराब संकेतों और गहराते भू-राजनीतिक तनाव के बीच शुक्रवार को घरेलू बाजार धड़ाम हो गए। बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट ने निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए हैं।

बाजार का लेखा-जोखा: निफ्टी 25200 के नीचे फिसला

शुक्रवार को कारोबार की समाप्ति पर बाजार का दृश्य काफी चिंताजनक रहा:

BSE सेंसेक्स: 961.42 अंकों की भारी गिरावट के साथ 81,287.19 के स्तर पर बंद हुआ।

NSE निफ्टी: 317.90 अंक गोता लगाकर 25,178.65 के स्तर पर आ गया।

सेंसेक्स ने दिन के दौरान अपनी कई महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक बाधाओं को तोड़ दिया, जिससे बाजार में चौतरफा डर का माहौल रहा।

गिरावट के 3 बड़े कारण: अमेरिका-ईरान तनाव और AI अनिश्चितता

बाजार विशेषज्ञों ने आज की इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे मुख्य रूप से तीन अंतरराष्ट्रीय कारणों को जिम्मेदार ठहराया है:

अमेरिका-ईरान वार्ता विफल: ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिका के साथ हुई बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. के अनुसार, इससे पश्चिम एशिया में युद्ध की संभावनाएं और बढ़ गई हैं, जिससे निवेशक घबराए हुए हैं।

अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली: अमेरिका में तकनीकी (Tech) शेयरों में आई गिरावट का असर भारतीय आईटी और टेक स्टॉक्स पर भी देखने को मिला।

एआई को लेकर डर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र में निवेश को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण निवेशक जोखिम भरे निवेश से बच रहे हैं और सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख कर रहे हैं।

किन शेयरों ने डुबोया और किन्होंने संभाला?

आज के कारोबार में सेंसेक्स की दिग्गज कंपनियों में से अधिकांश लाल निशान में रहीं:

सबसे ज्यादा नुकसान: सन फार्मा, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति और इंटरग्लोब एविएशन (IndiGo) के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई।

थोड़ी राहत देने वाले शेयर: बाजार की इस आंधी के बावजूद HCL टेक, इंफोसिस, ट्रेंट और एटर्नल जैसे कुछ चुनिंदा शेयर हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे।

विशेषज्ञों की राय: सतर्क रहने की सलाह

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के अनुसंधान प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते जोखिमों के कारण भारतीय बाजार दबाव में हैं। मध्य पूर्व में तनाव और घरेलू स्तर पर किसी बड़े सकारात्मक ट्रिगर की कमी के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी है। जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक स्थितियां सामान्य नहीं होतीं, बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।