Sawan Shivratri 2025 इस साल गजलक्ष्मी योग का दुर्लभ संयोग, जानें चार प्रहर की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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India News Live,Digital Desk : भगवान शिव को समर्पित सावन शिवरात्रि का पावन पर्व हर साल की तरह 2025 में भी शिव भक्तों द्वारा बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा। इस वर्ष, सावन शिवरात्रि पर एक अत्यंत शुभ और दुर्लभ 'गजलक्ष्मी योग' का निर्माण हो रहा है, जो इस दिन के महत्व को और भी बढ़ा देता है। यह योग मां लक्ष्मी और भगवान शिव दोनों की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर प्रदान करेगा।

सावन शिवरात्रि 2025: गजलक्ष्मी योग और महत्व
यह योग तब बनता है जब गुरु (बृहस्पति) और चंद्रमा एक साथ किसी केंद्र भाव (1, 4, 7, 10वें भाव) में स्थित होते हैं, खासकर यदि वे शुभ स्थिति में हों। इस वर्ष सावन शिवरात्रि पर यह योग बन रहा है, जिससे भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होगा। यह दिन भक्तों के लिए विशेष फलदायी होगा, जिससे आर्थिक संकट दूर होंगे और जीवन में खुशहाली आएगी।

सावन शिवरात्रि की चार प्रहर की पूजा विधि:
सावन शिवरात्रि पर रात्रि के चार प्रहर में शिव पूजा का विशेष महत्व है। प्रत्येक प्रहर की पूजा का अपना अलग विधान और फल होता है:

शुभ मुहूर्त:
सावन शिवरात्रि 2025 के लिए शुभ मुहूर्त और पूजा का सटीक समय स्थानीय पंचांग के अनुसार भिन्न हो सकता है, लेकिन सामान्यतः चारों प्रहर रात्रि के समय ही होते हैं और ब्रह्म मुहूर्त तक चलते हैं। भक्तों को चाहिए कि वे शुद्ध मन से भगवान शिव का स्मरण करें और अपनी श्रद्धा अनुसार पूजन करें।