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October 06 2026 06:26 pm

'नहीं हो सलमान खान के मुकदमे की सुनवाई', फिल्म निर्माता पहुंचा हाईकोर्ट; अदालत ने बॉलीवुड स्टार से मांगा जवाब

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बॉलीवुड के 'दबंग' अभिनेता सलमान खान एक बार फिर कानूनी विवादों के घेरे में आ गए हैं। इस बार मामला एक पुराने कारोबारी और कॉपीराइट विवाद से जुड़े सिविल मुकदमे की प्रक्रिया को लेकर है। एक फिल्म निर्माता ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करते हुए निचली अदालत में चल रहे सलमान खान के मुकदमे की सुनवाई पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने याचिका पर सुनवाई की और बॉलीवुड स्टार सलमान खान के साथ-साथ अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका आधिकारिक रुख और जवाब मांगा है।

इस कानूनी दांव-पेंच के बाद बॉलीवुड के गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि निचली अदालत में चल रही कार्यवाही कानूनी प्रक्रियाओं और नियमों के अनुरूप नहीं है, इसलिए जब तक उच्च अदालत इस पर कोई ठोस फैसला नहीं ले लेती, तब तक संबंधित मुकदमे की कार्यवाही को पूरी तरह स्थगित रखा जाए।

क्या है पूरा मामला और क्यों हाईकोर्ट पहुंचा फिल्म निर्माता?

मामले की पृष्ठभूमि एक प्रोजेक्ट के बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights), कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों और वित्तीय लेन-देन से जुड़ी बताई जा रही है। सलमान खान और उनकी लीगल टीम की ओर से निचली अदालत में निर्माता और संबंधित प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ एक दीवानी मुकदमा (Civil Suit) दायर किया गया था, जिसमें कुछ अधिकारों और दावों को लेकर राहत मांगी गई थी।

हालांकि, प्रतिवादी फिल्म निर्माता का तर्क है कि सलमान खान की तरफ से दायर इस मुकदमे में तथ्यात्मक विसंगतियां हैं और निचली अदालत का क्षेत्राधिकार (Jurisdiction) इस मामले में सही तरीके से लागू नहीं होता। निर्माता का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में निचली अदालत के समक्ष भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं, लेकिन उन पर समुचित विचार किए बिना ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा था। इसी से व्यथित होकर निर्माता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में अपील दायर कर दी और अंतरिम राहत के रूप में पूरी सुनवाई पर स्टे लगाने की मांग की।

बॉम्बे हाईकोर्ट का कड़ा रुख: सलमान खान से मांगा विस्तृत जवाब

बॉम्बे हाईकोर्ट की एकल पीठ के समक्ष जब यह मामला सुनवाई के लिए आया, तो याचिकाकर्ता के वकीलों ने अपनी दलीलें पेश कीं। उन्होंने अदालत को बताया कि यदि निचली अदालत में इस मुकदमे की सुनवाई इसी तरह जारी रही, तो याचिकाकर्ता को अपूरणीय क्षति होगी और उनके कानूनी अधिकारों का हनन होगा।

अदालत ने दोनों पक्षों की प्राथमिक दलीलों को सुनने के बाद फिलहाल निचली अदालत की कार्यवाही पर पूर्ण रोक लगाने का कोई अंतिम आदेश तो नहीं दिया, लेकिन याचिका की गंभीरता को स्वीकार करते हुए सलमान खान और उनके वकीलों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। अदालत ने सलमान खान को तय समयसीमा के भीतर अपना हलफनामा (Affidavit in Reply) दाखिल करने का आदेश दिया है, ताकि यह तय किया जा सके कि मुकदमे की सुनवाई जारी रहनी चाहिए या उस पर रोक लगाई जानी चाहिए।

कानूनी विशेषज्ञों की राय: प्रक्रियात्मक दांव-पेंच में उलझा मामला

कानूनी जानकारों का मानना है कि सिविल मामलों में निचली अदालत के कार्यक्षेत्र या प्रक्रिया को चुनौती देकर हाईकोर्ट से स्टे मांगना एक आम कानूनी रणनीति है। जब भी किसी बड़े प्रोजेक्ट या करोड़ों के लेन-देन का सवाल होता है, तो दोनों पक्ष अपने-अपने अधिकार क्षेत्र को मजबूत करने के लिए अदालती मंचों का सहारा लेते हैं।

सलमान खान की कानूनी टीम इस नोटिस का अध्ययन कर रही है और उम्मीद की जा रही है कि वे हाईकोर्ट के समक्ष याचिका को खारिज करने की मांग करेंगे। सलमान के वकीलों का यह तर्क हो सकता है कि निचली अदालत में मामला पूरी तरह वैध है और याचिकाकर्ता केवल सुनवाई में देरी करने के इरादे से उच्च न्यायालय पहुंचे हैं।

सलमान खान के वर्कफ्रंट पर कोई असर नहीं

भले ही कोर्ट-कचहरी के मामलों में सलमान खान का नाम बार-बार आता रहा हो, लेकिन अभिनेता अपने पेशेवर जीवन में पूरी तरह सक्रिय हैं। अभिनेता अपनी आगामी मेगा-बजट फिल्मों की शूटिंग और टीवी रियलिटी शोज़ की मेजबानी में व्यस्त चल रहे हैं।

अब सबकी निगाहें बॉम्बे हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां सलमान खान की तरफ से पेश होने वाला जवाब ही यह तय करेगा कि इस पुराने मुकदमे की दिशा क्या होगी और क्या निर्माता को अदालत से कोई अंतरिम राहत मिल पाएगी।