'चैंपियन खिलाड़ियों को कभी कम मत आंकिए': विराट कोहली और रोहित शर्मा के बचाव में उतरे रिकी पोंटिंग
India News Live,Digital Desk : भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े स्तंभों, विराट कोहली और रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच, ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज रिकी पोंटिंग ने उनका खुलकर समर्थन किया है। पोंटिंग का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक इन दोनों दिग्गजों को बाहर करने की बात सोचना जल्दबाजी होगी।
"चैंपियन कभी हार नहीं मानते"
आईपीएल में पंजाब किंग्स के हेड कोच पोंटिंग ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि चैंपियन खिलाड़ियों के जज्बे को कभी कमतर नहीं आंका जाना चाहिए। उन्होंने कहा:
"चैंपियन खिलाड़ियों के बारे में मैंने हमेशा एक बात कही है कि आप उन्हें कभी मना नहीं कर सकते। आप उन्हें कभी भी कम नहीं आंक सकते।"
पोंटिंग ने इस बात पर जोर दिया कि कोहली और रोहित जैसे खिलाड़ी 2027 वर्ल्ड कप तक अपनी फिटनेस और खेल को बनाए रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
पोंटिंग ने की फिटनेस और जज्बे की तारीफ
पोंटिंग ने कोहली और रोहित के मौजूदा आईपीएल प्रदर्शन और उनकी तैयारियों पर अपनी राय रखी:
विराट कोहली का जज्बा: पोंटिंग के अनुसार, कोहली अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कम खेल रहे हैं, लेकिन उनमें जीतने की भूख और जज्बा आज भी वैसा ही है जैसा 10 साल पहले था। आईपीएल 2026 में 13 मैचों में 542 रन बनाकर उन्होंने साबित कर दिया है कि वे अभी भी विश्व स्तरीय फॉर्म में हैं।
रोहित शर्मा का फिटनेस अनुशासन: पोंटिंग ने रोहित शर्मा की फिटनेस की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि रोहित ने इस आईपीएल में जिस बेहतरीन शारीरिक फिटनेस का प्रदर्शन किया है, वैसी फिटनेस उन्होंने पिछले 10-12 वर्षों में कभी नहीं देखी थी।
चयन की स्थिति क्या है?
बीसीसीआई के एक सूत्र के अनुसार, फिलहाल दोनों खिलाड़ियों के वर्ल्ड कप खेलने पर फैसला लेना बहुत जल्दबाजी होगी। उनके चयन का मुख्य आधार टूर्नामेंट से ठीक पहले उनकी फिटनेस और फॉर्म ही होगा। कोहली और रोहित को अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी सीरीज के लिए टीम में चुना गया है, जो उनके भविष्य की राह को स्पष्ट करेगा।
रिकी पोंटिंग का यह बयान न केवल इन दो दिग्गजों के प्रति सम्मान दर्शाता है, बल्कि यह भी याद दिलाता है कि बड़े टूर्नामेंटों में अनुभव और मानसिक दृढ़ता कितनी महत्वपूर्ण होती है। पोंटिंग के शब्दों में कहें तो, “कभी भी किसी चैंपियन को 'नहीं' मत कहिए।”