नेपालगंज तक रेल यात्रा हुई आसान, पूर्वोत्तर रेलवे ने सभी लाइनें बड़ी की
India News Live,Digital Desk : रेल मंत्रालय की पहल पर पूर्वोत्तर रेलवे के दुधवा वन क्षेत्र में पड़ने वाली मैलानी-नानपारा 170 किलोमीटर लंबी रेल लाइन को अब हैरिटेज रेल लाइन (विरासत रेल लाइन) घोषित कर दिया गया है। रेलवे बोर्ड ने इसे पर्यटन और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संरक्षित किया है।
साथ ही, पूर्वोत्तर रेलवे की लगभग 3300 किलोमीटर लंबी सभी लाइनें अब छोटी से बड़ी रेल लाइनों में बदल चुकी हैं। इन रेलमार्गों का विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है, और अब इन पर सिर्फ इलेक्ट्रिक इंजन वाली ट्रेनें ही चल रही हैं। इससे न सिर्फ ट्रेनों का संचालन सुचारू हुआ है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिली है।
19 सितंबर 2025 को बहराइच-नेपालगंज रोड तक की अंतिम छोटी रेल लाइन भी बड़ी लाइन में बदल गई। इससे नेपाल सीमा पर स्थित नेपालगंज रोड स्टेशन भी पूर्वोत्तर रेलवे नेटवर्क से जुड़ गया। अब गोरखपुर, लखनऊ, गोंडा और बहराइच होते हुए नेपालगंज रोड तक ट्रेनों का संचालन संभव है।
रेलवे प्रशासन ने गोरखपुर और लखनऊ से गोंडा, बहराइच होते हुए नेपालगंज रोड तक ट्रेनों के परिचालन की तैयारी शुरू कर दी है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के अनुसार, नेपालगंज रोड तक बड़ी रेल लाइन बिछ जाने से तराई क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को नया impulso मिलेगा। अब पूर्वोत्तर रेलवे में कोई भी लाइन छोटी नहीं रही, और सभी रेलमार्गों का विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है।
इतिहास की बात करें तो वर्ष 1980 तक पूर्वोत्तर रेलवे को छोटी लाइन के नाम से ही जाना जाता था। हालांकि, सत्तर के दशक से ही इसका आकार बढ़ाने का काम शुरू हो चुका था। 1981 में गोरखपुर के रास्ते लखनऊ से छपरा तक लगभग 425 किलोमीटर का मुख्य रेलमार्ग पहली बार छोटी से बड़ी रेल लाइन में बदल गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, 15 दिसंबर 1886 को गोंडा-बहराइच-नानपारा-नेपालगंज रोड तक की छोटी रेल लाइन का निर्माण पूरा हुआ और उसी दिन से ट्रेन संचालन शुरू हुआ। बाद में लखनऊ-गोंडा-गोरखपुर-छपरा मार्ग के आमान परिवर्तन के साथ गोंडा से बहराइच रेलखंड भी बड़ी लाइन में बदल गया।
बहराइच से नानपारा होते हुए नेपालगंज रोड तक का आमान परिवर्तन लंबित था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 मार्च 2024 को इस मार्ग का शिलान्यास किया था। अब यह आमान परिवर्तन भी सफलतापूर्वक पूरा हो गया है।