Preparations for the return of S-400 : भारत-रूस रक्षा वार्ता में मिली नई रफ्तार
India News Live,Digital Desk : भारत की सुरक्षा तैयारियों को और भी मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ी खबर सामने आई है। रूस की सबसे एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 की दो यूनिट्स की डिलीवरी अब जल्द ही भारत को मिलने वाली है। चीन में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय बैठक के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रूस के रक्षा मंत्री आंद्रे बेलौसोव के बीच हुई खास बातचीत में यह आश्वासन दिया गया।
इस मुलाकात में सिर्फ एस-400 ही नहीं, बल्कि भारतीय वायुसेना के ताकतवर सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमानों के आधुनिकीकरण, नए एवियोनिक्स और रडार सिस्टम जैसी अहम रक्षा जरूरतों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। यह बैठक हाल ही में पाकिस्तान के खिलाफ सफलतापूर्वक चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के ठीक बाद हुई, जिसमें रूसी तकनीक जैसे एस-400 और सुखोई विमानों ने बड़ी भूमिका निभाई थी।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के रक्षा प्रमुखों के बीच यह बातचीत मौजूदा वैश्विक हालात, सीमा पार आतंकवाद और दीर्घकालिक रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर केंद्रित रही। रूस ने भारत के साथ अपनी दोस्ती को 'समय की कसौटी पर खरा' बताया और साथ ही कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले पर एकजुटता भी जताई।
भारत के पास वर्तमान में करीब 250 सुखोई-30 एमकेआई विमान हैं, जो वायुसेना की रीढ़ माने जाते हैं। अब भारत इन्हें और भी उन्नत बनाने की दिशा में काम कर रहा है। हाल ही में रूस ने भारत को अपने स्टेल्थ फाइटर जेट सुखोई-57 का इंजन देने की पेशकश की है, जो मौजूदा इंजन की तुलना में अधिक शक्तिशाली है।
एस-400 डिफेंस सिस्टम की बची हुई दो यूनिट्स 2026 और 2027 तक भारत को मिल जाएंगी। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते इनकी आपूर्ति में थोड़ी देरी हुई थी। लेकिन अब जब दोनों देशों के बीच रक्षा वार्ता फिर से गति पकड़ रही है, तो भारत की हवाई सुरक्षा और भी अजेय बनती नजर आ रही है।
इस बातचीत में हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, रक्षा उपकरणों का साझा निर्माण और समय पर डिलीवरी जैसे अहम मुद्दों को भी प्राथमिकता दी गई। कुल मिलाकर, यह बैठक भारत-रूस रक्षा सहयोग को एक नए दौर में ले जाने की तरफ बड़ा कदम मानी जा रही है।