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May 19 2026 06:06 pm

'अगले शुभेंदु अधिकारी बनेंगे रेवंत रेड्डी': तेलंगाना की राजनीति में भाजपा सांसद के दावे से सियासी पारा गरम

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India News Live,Digital Desk : तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक वरिष्ठ सांसद ने बड़ा राजनीतिक दावा किया है। निजामाबाद के सांसद धर्मपुरी अरविंद ने टिप्पणी की है कि रेवंत रेड्डी भविष्य में कांग्रेस पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो सकते हैं, ठीक वैसे ही जैसे शुभेंदु अधिकारी ने 2020 में तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।

धर्मपुरी अरविंद का दावा: 'कांग्रेस को हार का डर'

सांसद धर्मपुरी अरविंद ने भविष्यवाणी की है कि 2028-29 में होने वाले तेलंगाना विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस तेलंगाना में 1985 और 1994 की तरह ही बुरी तरह हारेगी, और इस बार यह हार रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में होगी।" भाजपा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सीनियर नेताओं को दरकिनार कर रेवंत रेड्डी को सीएम बनाकर बड़ी गलती की है।

पीएम मोदी के उस बयान से शुरू हुईं अटकलें

रेवंत रेड्डी और भाजपा के बीच नजदीकियों की चर्चा तब तेज हुई, जब 10 मई को एक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मजाकिया लहजे में रेवंत रेड्डी को भाजपा के साथ जुड़ने का सुझाव दिया था। केंद्र से विकास परियोजनाओं को मंजूरी मांगने के संदर्भ में पीएम मोदी ने कहा था:

"मैं रेवंत जी से कहना चाहूंगा कि... मेरी समझ के अनुसार, बेहतर होगा कि आप मेरे साथ जुड़ें।"

पीएम मोदी के इस बयान के बाद तेलंगाना के सियासी गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे। हालांकि, सांसद धर्मपुरी अरविंद ने स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं पता कि इस बयान के पीछे कोई वास्तविक राजनीतिक रणनीति है या नहीं, लेकिन उन्होंने शुभेंदु अधिकारी का उदाहरण देकर अटकलों को और हवा दे दी।

कांग्रेस ने किया पलटवार

भाजपा सांसद के इस दावे पर तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस प्रवक्ता मेदी रविचंद्र ने मांग की है कि सांसद धर्मपुरी अरविंद को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष महेश कुमार गौड़ के खिलाफ की गई निजी और अहंकारपूर्ण टिप्पणियों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि राज्य में विकास कार्यों से घबराकर भाजपा नेता सरकार की छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

वर्तमान में तेलंगाना की राजनीति में इस तरह के बयानों ने कांग्रेस और भाजपा के बीच तनाव बढ़ा दिया है, जबकि मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इन दावों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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