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November 05 2026 10:23 pm

'रूसी मंत्री को बॉलीवुड फिल्मों में होना चाहिए'; पीयूष गोयल ने एंटोन अलीखानोव को बताया 'डैशिंग'

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राजधानी नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के उपलक्ष्य में आयोजित 'भारत-रूस बिजनेस डायलॉग' के दौरान उस समय खुशनुमा माहौल बन गया जब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने रूसी समकक्ष की जमकर तारीफ की। सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे रूसी प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख और रूस के उद्योग एवं व्यापार मंत्री एंटोन अलीखानोव (Anton Alikhanov) के व्यक्तित्व से प्रभावित होकर गोयल ने मजाकिया अंदाज में उन्हें बॉलीवुड फिल्मों में काम करने का न्योता दे डाला।

पीयूष गोयल ने अलीखानोव की सराहना करते हुए कहा, "मेरे दोस्त, सहयोगी और रूसी संघ के डैशिंग माननीय उद्योग और व्यापार मंत्री एंटोन अलीखानोव। मैंने उनसे कहा कि शायद वे गलत पेशे में आ गए हैं। हमें अपने ऑडियो-विजुअल सहयोग को नई ऊंचाई देनी चाहिए। हो सकता है कि हम उन्हें जल्द ही किसी बॉलीवुड फिल्म में काम करते हुए देखें।" इस बयान के बाद सम्मेलन कक्ष में मौजूद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल और उद्योगपतियों के चेहरे पर मुस्कान तैर गई।

भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय निवेश संधि (BIT) पर बातचीत तेज

हल्के-फुल्के लम्हों के बीच दोनों देशों ने अपने आर्थिक, रणनीतिक और औद्योगिक संबंधों को मजबूत करने के लिए गंभीर मुद्दों पर ठोस चर्चा की। पीयूष गोयल ने बताया कि दोनों देश एक नई द्विपक्षीय निवेश संधि (Bilateral Investment Treaty - BIT) को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत की गति तेज कर रहे हैं:

निवेशकों को कानूनी सुरक्षा: गोयल ने जोर देकर कहा कि इस संधि का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के निवेशकों को वह कानूनी भरोसा और स्पष्टता देना है, जिसकी जरूरत वे किसी बड़े प्रोजेक्ट या दीर्घकालिक बिजनेस निवेश को अंतिम रूप देते समय महसूस करते हैं।

औद्योगिक साझेदारी का विस्तार: ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, रक्षा विनिर्माण, उन्नत इंजीनियरिंग और केमिकल सेक्टर में आपसी पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए नियमों को सरल बनाया जा रहा है।

EAEU के साथ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) जल्द होगा पूरा

भारतीय वाणिज्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत और रूस यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के साथ मुक्त व्यापार समझौते की वार्ता को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं:

पांच देशों का बड़ा बाजार: EAEU समूह में आर्मेनिया, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान और रूस शामिल हैं। इस समझौते के लागू होते ही भारतीय उद्योगों, एमएसएमई और निर्यातकों के लिए यूरेशिया का विशाल बाजार खुल जाएगा।

सप्लाई चेन की मजबूती: वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में यह समझौता भारत के लिए यूरेशियाई क्षेत्र के साथ निर्बाध व्यापार गलियारे (INSTC) को गति देने में सहायक साबित होगा।

'टैरिफ नहीं, पेमेंट की दिक्कतें रोकती हैं व्यापार': लोकल करेंसी सेटलमेंट पर जोर

सम्मेलन का सबसे अहम पहलू दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार में डॉलर की निर्भरता को खत्म कर स्थानीय मुद्राओं में भुगतान प्रणाली को मजबूत करना रहा।

पीयूष गोयल ने व्यावहारिक व्यापारिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहा, "हम स्थानीय मुद्रा में भुगतान की व्यवस्था को मजबूत करना जारी रखेंगे। धरातल पर व्यापार की गति को टैरिफ (सीमा शुल्क) उतना धीमा नहीं करते, जितना कि भुगतान निपटान (Payment Settlement) में आने वाली प्रक्रियागत दिक्कतें करती हैं।"

उन्होंने रेखांकित किया कि रुपया-रूबल और डिजिटल मुद्राओं के सीधे लेनदेन से दोनों देशों के व्यापारियों को न केवल करेंसी कन्वर्जन के अतिरिक्त खर्च से राहत मिलेगी, बल्कि तीसरे पक्ष के प्रतिबंधों का खतरा भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा।