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September 17 2026 05:03 pm

कटरीना कैफ के समर्थन में उतरे पाकिस्तानी एक्टर, ट्रोलर्स को लगाई फटकार; बोले- 'अगर महिला पुरुष के तय पैमाने पर खरी न उतरे तो...'

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बॉलीवुड की शीर्ष अभिनेत्रियों में शुमार कटरीना कैफ को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर उनके लुक, उम्र, अभिनय और निजी जिंदगी को लेकर तरह-तरह की बातें बनाई जाती हैं। ग्लैमर इंडस्ट्री में अभिनेत्रियों की खूबसूरती और उनके फैसलों को लेकर लगातार होने वाली आलोचना कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार कटरीना कैफ के समर्थन में सरहद पार से एक ऐसी दमदार आवाज उठी है, जिसने इंटरनेट पर चल रही जहरीली ट्रोलिंग को सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया है। पाकिस्तान के मशहूर अभिनेता और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखने वाले आर्टिस्ट उस्मान खालिद बट ने कटरीना कैफ का खुलकर बचाव किया है। उन्होंने समाज में महिलाओं के मूल्यांकन के लिए पुरुषों द्वारा तय किए गए संकीर्ण पैमानों पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि महिलाओं के स्वतंत्र अस्तित्व को स्वीकार करने में आज भी लोगों की मानसिकता संकुचित बनी हुई है।

सोशल मीडिया पर कटरीना को निशाना बनाए जाने पर भड़का गुस्सा

मामला तब गरमाया जब कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स और गॉसिप पेजों पर कटरीना कैफ के लुक्स, करियर और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस को लेकर अनावश्यक और अपमानजनक टिप्पणियां की जाने लगीं। किसी ने उनकी उम्र को लेकर सवाल उठाए, तो किसी ने उनकी फिल्मों में भूमिकाओं को सीमित बताने की कोशिश की।

सोशल मीडिया पर महिलाओं को आसानी से सॉफ्ट टारगेट बनाए जाने के इस चलन पर पाकिस्तानी अभिनेता उस्मान खालिद बट ने गहरा ऐतराज जताया। उन्होंने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विस्तृत नोट साझा करते हुए ट्रोलर्स की मानसिकता की धज्जियां उड़ा दीं। उस्मान ने साफ कहा कि कटरीना कैफ ने दो दशकों से अधिक समय तक अपनी कड़ी मेहनत, अनुशासन और लगन के दम पर भारतीय फिल्म उद्योग में अपनी एक अलग और अटूट पहचान बनाई है, जिसे कुछ कीबोर्ड वॉरियर्स अपनी ओछी हरकतों से कमतर नहीं आंक सकते।

'अगर महिला पुरुष के बनाए पैमाने पर खरी न उतरे तो उसे नीचा दिखाया जाता है'

उस्मान खालिद बट ने महिलाओं के प्रति समाज के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए लिखा, "जब कोई पुरुष अभिनेता उम्रदराज होता है या अपनी शर्तों पर काम करता है, तो समाज उसे परिपक्वता, चार्म और अनुभव का तमगा देता है। लेकिन जब वही बात किसी महिला के साथ होती है, तो उस पर हर तरफ से उंगलियां उठने लगती हैं। कड़वी हकीकत यह है कि अगर कोई महिला किसी पुरुष या पितृसत्तात्मक समाज के तय किए गए सौंदर्य और व्यवहार के पैमाने पर खरी नहीं उतरती, तो लोग उसे तुरंत खारिज करने और नीचा दिखाने की कोशिश में जुट जाते हैं।"

उन्होंने आगे कहा कि कटरीना जैसी आत्मनिर्भर, सफल और आत्मविश्वासी महिलाओं ने यह साबित किया है कि वे किसी की दया या बनाए गए सांचे की मोहताज नहीं हैं। उन्होंने अपनी डांसिंग स्किल्स, फिटनेस, बिजनेस वेंचर (काय ब्यूटी) और चुनिंदा किरदारों के जरिए अपना एक अलग मुकाम बनाया है। ऐसे में उनकी उपलब्धियों को नजरअंदाज करके केवल उनके रूप-रंग या निजी फैसलों पर सवाल उठाना आलोचकों के अपने खोखलेपन को दर्शाता है।

दोहरे मापदंडों पर हमेशा मुखर रहे हैं उस्मान खालिद बट

उस्मान खालिद बट केवल पाकिस्तान के एक मंझे हुए अभिनेता ही नहीं हैं, बल्कि वे लंबे समय से महिला अधिकारों, जेंडर इक्वालिटी और ऑनलाइन बुलिंग के खिलाफ खुलकर आवाज उठाते रहे हैं। चाहे पाकिस्तानी ड्रामा इंडस्ट्री में महिलाओं के रूढ़िवादी चित्रण का मुद्दा हो या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कलाकारों के साथ होने वाला पक्षपात, उस्मान हमेशा अपने तीखे और तार्किक विचारों के लिए जाने जाते हैं। कटरीना कैफ के पक्ष में उनके इस बयान को भी एक कलाकार द्वारा दूसरे कलाकार के सम्मान और महिला गरिमा की रक्षा के रूप में देखा जा रहा है।

फैंस और यूजर्स ने की पाकिस्तानी अभिनेता के नजरिए की तारीफ

उस्मान खालिद बट का यह बयान सामने आते ही भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के सोशल मीडिया यूजर्स के बीच तेजी से वायरल हो गया। कटरीना कैफ के फैंस ने उस्मान के इस संवेदनशील और साहसिक नजरिए का स्वागत किया।

यूजर्स ने कमेंट्स करते हुए लिखा कि यह देखना वाकई सुखद है कि कैसे कला और महिलाओं के आत्मसम्मान की बात आने पर सरहदों की दीवारें टूट जाती हैं। लोगों ने इस बात पर सहमति जताई कि अभिनेत्रियों को हर दिन उम्र, चेहरे और वजन के नाम पर जिस मानसिक उत्पीड़न से गुजरना पड़ता है, उस पर अब मुख्यधारा के कलाकारों को खुलकर बोलना ही होगा।

कटरीना कैफ का गरिमामय मौन और काम से जवाब

उल्लेखनीय है कि कटरीना कैफ हमेशा से ही इस तरह के ऑनलाइन विवादों और बेसिर-पैर की ट्रोलिंग पर अपनी शालीन चुप्पी साधे रखने के लिए जानी जाती हैं। वे कभी भी फिजूल के विवादों में पड़ने के बजाय अपने काम, फिटनेस और आगामी प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करती हैं। उस्मान खालिद बट के इस बयान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भले ही सोशल मीडिया पर नकारात्मकता फैलाने वाले चंद लोग हों, लेकिन गरिमा और मेहनत का सम्मान करने वाले लोग आज भी हर मुल्क में मौजूद हैं।