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August 16 2026 01:29 am

अमेरिका-ईरान मध्यस्थता से पाकिस्तान बाहर: ट्रंप ने शाहबाज सरकार को दिया बड़ा कूटनीतिक झटका, खाड़ी देशों पर जताया भरोसा

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अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और कूटनीतिक वार्ताओं के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और उसकी सरकार को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा कूटनीतिक झटका लगा है। महीनों से खुद को अमेरिका और ईरान के बीच संभावित मध्यस्थ के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान की उम्मीदों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने पानी फेर दिया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के अनुरोध पर शुरू हुई इस बातचीत में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर की अहम भूमिका है, लेकिन उन्होंने अपने बयान में पाकिस्तान का नाम तक नहीं लिया।

पाकिस्तान की भूमिका को लेकर गहराता संदेह

अमेरिका और ईरान दोनों ही पक्ष पाकिस्तान की निष्पक्षता और भूमिका को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं:

संदिग्ध कूटनीति: ईरान पहले भी पाकिस्तान की नीतियों और अमेरिका के साथ उसके दोहरे रुख को लेकर सवाल उठा चुका है।

सीनेटर का गंभीर दावा: अमेरिका के पूर्व सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पहले ही यह आशंका जताई थी कि ईरान के सैन्य विमान पाकिस्तान के एयरबेस पर मौजूद हैं, जिससे पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।

हथियारों की सप्लाई के आरोप: हालिया रिपोर्ट्स में यह दावा भी सामने आया है कि पाकिस्तान, चीन और ईरान के बीच हथियारों की सप्लाई में अहम भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान पर आरोप है कि वह अपने क्षेत्र का इस्तेमाल कर चीनी एयर डिफेंस सिस्टम ईरान तक पहुंचाने में मदद कर रहा है।

ईरान को डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी चेतावनी

एक तरफ जहां कूटनीतिक वार्ताओं से पाकिस्तान को पूरी तरह बाहर कर दिया गया है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है:

व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि क्षेत्रीय ताकतों के अनुरोध पर तेहरान के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन यह ईरान के लिए परमाणु समझौते को स्वीकार करने का शायद आखिरी मौका है।

ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि तेहरान इस अवसर का उपयोग नहीं करता है, तो उसे बर्बादी और गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि, दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की औपचारिक बातचीत होने से साफ इनकार किया है, जिससे दोनों देशों के बीच जारी तनाव को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।